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Hazaribagh (Dharmendra Pradhan) : हजारीबाग जिले के उरीमारी ओपी क्षेत्र में स्कूल से घर लौट रही एक नाबालिग छात्रा के साथ हैवानियत का मामला सामने आया है। सुनसान रास्ते पर पांच युवकों ने मिलकर छात्रा को हवस का शिकार बना डाला। इस सनसनीखेज वारदात के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए महज 24 घंटे के भीतर सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें हजारीबाग सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
स्कूल से लौटते वक्त रेलवे ट्रैक के पास रोका, सुनसान जगह पर ले जाकर की दरिंदगी
घटना 8 सितंबर की दोपहर की बताई जा रही है। नाबालिग छात्रा रोज की तरह स्कूल की छुट्टी के बाद पैदल ही अपने घर लौट रही थी। जैसे ही वह उरीमारी रेलवे साइडिंग के पास रेलवे ट्रैक के करीब पहुंची, घात लगाए बैठे युवकों ने उसे घेर लिया। आसपास सन्नाटा होने का फायदा उठाकर आरोपी छात्रा को जबरन सुनसान जगह पर खींच ले गए और बारी-बारी से उसके साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी पीड़िता को डरा-धमकाकर मौके से फरार हो गए। डरी-सहमी छात्रा किसी तरह अपने घर पहुंची और 9 सितंबर को परिजनों को आपबीती बताई। इसके बाद परिजन छात्रा को लेकर सीधे उरीमारी ओपी पहुंचे और पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पोक्सो एक्ट में केस दर्ज, ताबड़तोड़ छापेमारी में पांचों संदेही गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। उरीमारी थानेदार रथू उरांव के नेतृत्व में पुलिस ने बिना देर किए पोक्सो (POCSO) एक्ट की संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया। पीड़िता द्वारा बताए गए हुलिए और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने इलाके में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए 24 घंटे के भीतर पांचों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। थाने लाकर जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो पांचों ने छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की बात कबूल कर ली।
अलग-अलग टोलों के रहने वाले हैं सभी आरोपी, पुलिस ने दी सख्त चेतावनी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सिकंदर टुडू (22 वर्ष, निवासी जोजो टोला), शाहरुख सोरेन (30 वर्ष, निवासी डेडका टोला), विनोद मांझी (23 वर्ष, निवासी गेरा टोला), तिवारी सोरेन (26 वर्ष, निवासी जोजो टोला) और महेश पवरिया (28 वर्ष, निवासी उरीमारी छापर टोला) के रूप में हुई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। थानेदार ने साफ कहा है कि इलाके में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों और महिलाओं या बच्चियों पर बुरी नजर रखने वाले अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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