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Patna : बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि वित्तरहित शिक्षकों और उनके प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत कर उनकी सभी समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा। इसके लिए सरकार ने बाकायदा एक कमेटी का गठन भी कर दिया है। रविवार को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित वित्तरहित शिक्षकों के अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों का मान-सम्मान हर हाल में बरकरार रहेगा और सरकार इस दिशा में पूरी संवेदनशीलता से काम कर रही है।


बिहार के बच्चे राज्य में ही पढ़ें, यही सरकार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता बच्चों को राज्य के भीतर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। इसी सोच के तहत 15 जुलाई को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई और 2500 असिस्टेंट प्रोफेसरों की बहाली पूरी की गई। उन्होंने बताया कि राज्य में 700 मॉडल स्कूलों यानी सरस्वती विद्या निकेतन की स्थापना की गई है, जिनमें साढ़े तीन लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। वहीं उच्च शिक्षा के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से आर्थिक मदद दी जा रही है।
डिजिटल पढ़ाई की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के जरिए 75 हजार शिक्षकों को जोड़ा गया है। इसके माध्यम से रात के समय भी ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं और मौजूदा समय में करीब 1 लाख 42 हजार छात्र-छात्राएं इसका लाभ ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज से लेकर यूनिवर्सिटी तक के सभी शिक्षकों के साथ वित्तरहित शिक्षकों का सम्मान सरकार के लिए सर्वोपरि है।

अगले पांच साल में एक करोड़ नौकरियां और महिलाओं के लिए अलग यूनिवर्सिटी
आने वाले पांच वर्षों का रोडमैप साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एक करोड़ लोगों को रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। इसके साथ ही एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाकर उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य में एक विशेष महिला यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी, जिसमें कुलपति से लेकर निचले स्तर के कर्मचारियों तक सिर्फ महिलाएं ही काम करेंगी। उच्च शिक्षण संस्थानों के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि विक्रमशिला विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए 220 एकड़ जमीन आवंटित कर दी गई है।
कार्यक्रम के दौरान विधान पार्षद प्रो. डॉ. नवल किशोर यादव ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह और पगड़ी पहनाकर उनका अभिनंदन किया। समारोह को बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, विधान पार्षद नीरज कुमार समेत अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इस मौके पर विधान पार्षद संजीव कुमार, वीरेंद्र नारायण यादव, सर्वेश कुमार, एन. के. यादव, जीवन कुमार, विधायक रत्नेश कुशवाहा और पूर्व विधायक डॉ. रवींद्र यादव समेत बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
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