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Ranchi : झारखंड को देश में आयुर्वेद का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार करीब 900 करोड़ रुपए की लागत से एक बड़ा आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज खोलने जा रही है, जिसके लिए जमीन भी तय कर ली गई है। डोरंडा स्थित वन विभाग सभागार में आयोजित झारखंड प्रदेश आयुर्वेद सम्मेलन के पहले स्थापना दिवस और आयुर्वेद दिवस पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि झारखंड में जंगल, जड़ी-बूटियां और प्राकृतिक संपदा की कोई कमी नहीं है। अगर पहले सही दिशा में काम हुआ होता तो राज्य आज इस क्षेत्र में बहुत आगे होता, लेकिन अब सरकार इस दिशा में ठोस योजना के साथ जमीन पर काम उतार रही है।


केरल मॉडल से आगे निकलने की तैयारी
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश भर में जब भी पारंपरिक चिकित्सा की बात आती है तो लोग केरल का नाम लेते हैं, लेकिन झारखंड में उससे भी बेहतर संभावनाएं हैं। यहां की प्राकृतिक संपदा और पारंपरिक ज्ञान को अगर सही नीति और आधुनिक रिसर्च का साथ मिल जाए, तो झारखंड केरल से भी बेहतर मॉडल तैयार कर सकता है। सरकार का मकसद एक ऐसा संस्थान खड़ा करना है, जहां सिर्फ देश के दूसरे राज्यों से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग इलाज कराने आएं। आयुर्वेद सिर्फ दवा देने का जरिया नहीं है, बल्कि यह सही खान-पान, दिनचर्या, योग और तनावमुक्त जीवन जीने की कला सिखाता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इसकी जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
सिर्फ इमारतें नहीं, डॉक्टर और रिसर्च भी बढ़ेंगे
डॉ. अंसारी ने साफ किया कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, चाहे वह एलोपैथी हो, होम्योपैथी हो या फिर आयुर्वेद। आयुष के नाम पर सिर्फ इमारतें खड़ी कर देने से व्यवस्था नहीं सुधरेगी। इसके लिए अस्पतालों में पूरे डॉक्टर, विशेषज्ञ, नर्सिंग स्टाफ, आधुनिक लैब और रिसर्च की मजबूत व्यवस्था करनी होगी। सरकार इस पूरे ढांचे को वैज्ञानिक तरीके से विकसित करने जा रही है, ताकि गांवों और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले आम लोगों तक प्रमाणिक इलाज पहुंच सके। इसके लिए केंद्र सरकार के सामने भी राज्य का पक्ष मजबूती से रखा गया है और उम्मीद है कि जल्द ही वहां से भी पूरा सहयोग मिलेगा।

तेज बुखार के बीच पहुंचे कार्यक्रम में
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री भावुक भी नजर आए। उन्होंने मंच से कहा कि तेज बुखार और खराब तबीयत के बाद भी वे सिर्फ इसलिए आए क्योंकि आयोजन से कई बुजुर्ग और वरिष्ठ चिकित्सक जुड़े थे। वे किसी का दिल नहीं तोड़ना चाहते थे। इस मौके पर पटना और रांची के कई बड़े आयुर्वेद विशेषज्ञ, डॉक्टर और गणमान्य लोग मौजूद रहे। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि झारखंड अब आयुष के क्षेत्र में अपने पैरों पर खड़ा होगा और आने वाले दिनों में यह अभियान और तेजी पकड़ेगा।
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