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Patna : बिहार के हुनरमंद कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए अपने उत्पादों को देश भर में पहचान दिलाने का बेहतरीन मौका सामने आया है। बिहार सरकार का उद्योग विभाग नई दिल्ली के प्रगति मैदान में होने वाले 45वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर यानी IITF 2026 में राज्य के चुनिंदा उत्पादों की नुमाइश करने जा रहा है। इसके लिए विभाग ने बियाडा के माध्यम से राज्य के पात्र शिल्पकारों, उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु व मध्यम इकाइयों से ऑनलाइन आवेदन मंगाए हैं। इस मेले में राज्य की कला, संस्कृति और पारंपरिक शिल्पकला से जुड़े सामानों को सीधे राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी है।
स्थानीय हुनर को मिलेगा बड़ा बाजार
इस पूरी पहल का मुख्य मकसद बिहार के कारीगरों और उद्यमियों को एक ऐसा मंच देना है जहां उन्हें नए खरीदार और बड़े कारोबारी संपर्क मिल सकें। मेले में मधुबनी पेंटिंग, मंजूषा कला, सिक्की घास के उत्पाद, भागलपुरी सिल्क, टेराकोटा और लकड़ी के शिल्प जैसे पारंपरिक उत्पादों को प्रमुखता से जगह दी जाएगी। उद्योग विभाग का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को पहचान मिलती है, बल्कि गांव-कस्बों में बैठे छोटे कारोबारियों को अपनी कमाई और काम का दायरा बढ़ाने का सीधा मौका भी मिलता है।

30 अक्टूबर तक ऑनलाइन जमा होंगे फॉर्म
इच्छुक और पात्र आवेदकों को अपने फॉर्म 14 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 के बीच ऑनलाइन भरने होंगे। आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और आसान रखने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल पर व्यवस्था की गई है। आवेदक पोर्टल swc2.bihar.gov.in/investor/iitf पर जाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय तारीख के बाद कोई भी नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा, इसलिए पात्र लोग समय रहते अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें।
दो चरणों में होगा अंतिम चयन
आवेदनों की जांच दो चरणों में पूरी की जाएगी। सबसे पहले विभाग की टीम ऑनलाइन आए सभी फार्मों की प्राथमिक छंटनी करेगी ताकि सिर्फ सही और पात्र लोग ही आगे बढ़ सकें। इसके बाद चुने गए प्रतिभागियों को अपने उत्पादों के साथ पटना में उद्योग विभाग के अधिकारियों के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा। वहां उत्पादों की बनावट, गुणवत्ता और विशिष्टता को परखने के बाद ही अंतिम सूची तैयार की जाएगी। चयनित लोगों के नाम आधिकारिक पोर्टल पर ही जारी किए जाएंगे, जिसके बाद उन्हें मेले में अपने उत्पाद प्रदर्शित करने की जगह दी जाएगी।
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