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Ramgarh : झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने अपनी दिवंगत मां रूपी सोरेन के श्राद्ध कर्म के नौवें दिन पारंपरिक रीति-रिवाजों का विधि-विधान से निर्वहन किया। अपनी पूजनीय माता की आत्मा की शांति के लिए उन्होंने संथाली परंपरा के तहत दातून, पानी और भोजन परोसने की रस्म पूरी की। इस दौरान मुख्यमंत्री बेहद भावुक नजर आए और उन्होंने पूरे समर्पण के साथ अपने बेटे का धर्म निभाया।
घर के आंगन में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान माहौल पूरी तरह गमगीन रहा। परंपरा के अनुसार, दिवंगत आत्मा की तृप्ति के लिए नौवें दिन विशेष रूप से दातून, शुद्ध जल और सात्विक भोजन अर्पित करने का विधान है। मुख्यमंत्री ने जमीन पर बैठकर पूरे आदर और श्रद्धा भाव से इन रस्मों को पूरा किया। उनके साथ परिवार के अन्य वरिष्ठ सदस्य और भाई भी मौजूद रहे, जिन्होंने अनुष्ठान के हर चरण में उनका साथ दिया।
इस दुख की घड़ी में मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पर परिवार के करीबी रिश्तेदार और गांव के बुजुर्ग जुटे हुए हैं। सोरेन परिवार के सभी सदस्य अपनी संस्कृति और पूर्वजों से चली आ रही परंपराओं का कड़ाई से पालन कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि मां रूपी सोरेन हमेशा परिवार को जड़ों और परंपराओं से जोड़े रखने की सीख देती थीं, इसलिए उनके जाने के बाद भी हर रस्म पूरी निष्ठा के साथ निभाई जा रही है।
श्राद्ध कर्म के बाकी बचे दिनों के लिए भी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। आने वाले दिनों में होने वाले मुख्य भोज और अंतिम रस्मों को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्रों से भी लोग शोक जताने पहुंच रहे हैं। पूरे अनुष्ठान के दौरान सुरक्षा और सादगी का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि परिवार बिना किसी बाधा के अपनी धार्मिक और पारिवारिक परंपराओं को पूरा कर सके।
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