Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Saturday, 17 October, 2026 • 10:54 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » 25 सालों का शानदार सफर, मशहूर डॉ भदानी बोले- मरीजों का भरोसा…
Headlines

25 सालों का शानदार सफर, मशहूर डॉ भदानी बोले- मरीजों का भरोसा…

October 16, 2026No Comments7 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto

Pawan Thakur 

अक्सर लोग कहते हैं कि तजुर्बा जब करुणा से मिलता है, तो इलाज में चमत्कार होने लगते हैं। राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में डॉ मनोज भदानी (डॉ एमके भदानी) का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। लालपुर के अलोकापुरी कॉम्प्लेक्स से निकलकर अब उनका नया पता डंगराटोली स्थित ईस्टर्न मॉल (पैंटालून्स के ऊपर) की तीसरी मंजिल हो चुका है। शुक्रवार को ‘भदानी डायबिटीज एंड मल्टीस्पेशलिटी क्लिनिक’ के शुभारंभ के मौके पर जब उनसे पूछा गया कि आखिर 25 साल बाद यह बड़ा बदलाव क्यों, तो उनके चेहरे पर वही पुरानी सहज मुस्कान तैर गई।

100 वर्गफीट से 2000 वर्गफीट तक… 25 साल का सफर और कम खर्च में बेहतर इलाज का संकल्प

डॉ भदानी अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि लालपुर में प्रैक्टिस करते हुए उन्हें 25 साल बीत चुके हैं। यह उनका तीसरा क्लिनिक है। शुरुआत महज 100 SqFt (वर्गफीट) के एक छोटे से केबिन से हुई थी। मरीजों का भरोसा बढ़ा तो जगह 500 SqFt हुई और अब पूरे 25 साल बाद उन्होंने इसे विस्तार देकर 2000 SqFt का एक मुकम्मल सेंटर बना दिया है।


इस बड़े कदम के पीछे की सोच को समझाते हुए वे कहते हैं कि मकसद सिर्फ जगह बढ़ाना नहीं था। मुख्य उद्देश्य यह था कि जो मरीज दूर-दराज के गांवों और कस्बों से उम्मीद लेकर आते हैं, उन्हें कम से कम खर्च में एक ही छत के नीचे तमाम आधुनिक जांच और बेहतर इलाज मिल सके। इसी सोच के साथ नए सेंटर में डायबिटीज से जुड़ी जटिलताओं, दिल की स्थिति के लिए ईसीजी, आंखों के पर्दे के लिए फंडोस्कोपी, फेफड़ों की कार्यक्षमता के लिए पीएफटी और सामान्य दिनचर्या के दौरान ब्लड प्रेशर मापने के लिए एबीपीएम (एम्बुलेटरी ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग) की मशीनें लगाई गई हैं।

क्लिनिक की तीन सबसे आधुनिक सुविधाएं… 

डायबिटीज सिर्फ खून में मीठे का बढ़ना नहीं है, बल्कि यह धीरे-धीरे शरीर के कई अहम अंगों को खामोशी से नुकसान पहुंचाती है। नए क्लिनिक में जोड़ी गई तीन सबसे आधुनिक सुविधाओं के बारे में डॉ. भदानी ने विस्तार से बात की।

  1. आंखों के पर्दे की सीधी जांच (फंडोस्कोपी) : भारत में डायबिटीज के मरीजों में मोतियाबिंद, काला मोतियाबिंद (ग्लॉकोमा) और रेटिना से ब्लीडिंग का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। फंडोस्कोप के जरिए रेटिना की नसों का प्रेशर और ऑप्टिक डिस्क के बदलाव तुरंत पकड़ में आ जाते हैं, जिससे मरीज की रोशनी जाने से पहले ही बचाव शुरू हो जाता है।
  2. डायबिटिक फुट ऑटो लैब : डायबिटीज के मरीजों के पैर में घाव दो मुख्य कारणों से होते हैं। पहला, नसों का सेंसेशन खत्म हो जाना… मरीज को अहसास ही नहीं होता कि पैर किसी गर्म चीज या नुकीली सतह से छू गया है और पैर जल या कट जाता है। दूसरा कारण है पैरों की नसों में ब्लड सर्कुलेशन की रुकावट। क्लिनिक में विशेष डायबिटिक ऑटो लैब स्थापित की गई है, जो संवेदना की कमी और खून के बहाव की रुकावट दोनों को समय रहते पकड़ लेती है ताकि पैर कटने (एम्प्यूटेशन) की नौबत न आए।
  3. एम्बुलेटरी ब्लड प्रेशर और फेफड़ों की सटीक निगरानी : क्लिनिक में एबीपीएम के जरिए मरीज के 24 घंटे के वास्तविक ब्लड प्रेशर का पैटर्न देखा जाता है, साथ ही पीएफटी मशीन से फेफड़ों की ताकत की सटीक रिपोर्ट मिल जाती है।

युवाओं में डायबिटीज की बाढ़… सोशल मीडिया की लत, शून्य फिजिकल एक्टिविटी और स्ट्रेस

झारखंड और पूरे देश में कम उम्र के युवाओं का डायबिटीज की गिरफ्त में आना बेहद चिंताजनक है। इस पर बेबाकी से राय रखते हुए डॉ. भदानी ने कहा कि इसकी सबसे बड़ी जड़ हमारी सुस्त जीवनशैली (सेडेंटरी लाइफस्टाइल) है। वे कहते हैं कि आज लोगों की फिजिकल एक्टिविटी लगभग खत्म हो चुकी है। दिनभर का जरूरी समय यूट्यूब, व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर रील्स स्क्रॉल करने में निकल जाता है। हर युवा रोज कम से कम दो से ढाई घंटे सोशल मीडिया पर बिता रहा है। अगर उस ढाई घंटे में से सिर्फ आधा घंटा भी निकाल कर कसरत, टहलने या योग में लगा दिया जाए, तो कई क्रॉनिक बीमारियों से बचा जा सकता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर रुकेगा और डायबिटीज को शुरुआती स्टेज में ही पकड़कर पूरी तरह पलटा भी जा सकेगा।

तनाव यानी स्ट्रेस को दूसरा सबसे बड़ा विलेन बताते हुए उन्होंने समझाया कि 24 घंटे में से दो-ढाई घंटे स्क्रीन पर चले जाने से बाकी कामों के लिए समय कम पड़ता है। हड़बड़ाहट में इंसान एक साथ कई काम करना चाहता है, गलतियां बढ़ती हैं और स्ट्रेस लेवल आसमान छूने लगता है। शरीर में तनाव बढ़ते ही कैटेकोलामाइन हॉर्मोन का रिसाव बढ़ जाता है, जो सीधे ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल को शूट कर देता है। इसलिए योग, मॉर्निंग वॉक और मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना ही होगा।सिर से पैर तक डायबिटीज का वार: ‘क्रिएटिनिन नॉर्मल होने का मतलब किडनी सुरक्षित नहीं’डायबिटीज शरीर के अंगों पर ऊपर से नीचे तक कैसे असर डालती है, इसका सीधा मेडिकल रोडमैप डॉ. भदानी ने बेहद सरल शब्दों में खींच दिया…

  • आंखें : मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी का सीधा खतरा।
  • दिल : छाती के बीच में भारीपन या चलने पर सांस फूलना इस्केमिक हार्ट डिजीज के लक्षण हैं। डायबिटीज के मरीजों में अक्सर ‘साइलेंट हार्ट अटैक’ आता है, जहां मरीज को कोई सीने का दर्द महसूस नहीं होता। इसलिए जरा सी बेचैनी होने पर तुरंत ईसीजी और बीपी की जांच अनिवार्य है।
  • किडनी और यूरिन प्रोटीन का बड़ा सच : डॉ. भदानी ने आगाह करते हुए कहा कि लोग सिर्फ ब्लड सीरम क्रिएटिनिन कराकर निश्चिंत हो जाते हैं कि किडनी ठीक है। जबकि हकीकत यह है कि किडनी की खराबी की शुरुआती पहचान ‘यूरिन एल्ब्यूमिन क्रिएटिनिन रेशियो’ (UACR) टेस्ट से होती है। यह वैल्यू 30 से कम होनी चाहिए। अगर यह 30 से ऊपर आ रही है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें, किडनी पर असर डालने वाली दवाएं और गलत खानपान बंद करें।
  • ब्लड प्रेशर का मिथक : उम्र बढ़ने के साथ हाई बीपी को सामान्य मान लेना एक खतरनाक भूल है। ब्लड प्रेशर हमेशा 120/80 के करीब ही नियंत्रित रहना चाहिए। बीपी जितना ज्यादा रहेगा, दिल और किडनी पर उतना ही ज्यादा वर्कलोड पड़ेगा।

क्रिटिकल मरीजों को मौत के मुंह से निकालना… ‘मेहनत मेरी, कृपा मां दुर्गा की’

झारखंड के चिकित्सा हलकों में यह बात मशहूर है कि डॉ. भदानी आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे नाजुक मरीजों को भी अपनी सूझबूझ से उबार लाते हैं। इस पर जब उनसे उनके सीक्रेट के बारे में पूछा गया, तो वे बेहद भावुक और विनम्र हो गए। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा, “यह सब मां दुर्गा की असीम कृपा है। आज तक मैंने जो कुछ भी किया है, पूरी ईमानदारी और सोच-समझकर किया है। जब भी कोई मरीज आईसीयू में बेहद गंभीर हालत में आता है, तो मेरा पहला नियम होता है कि बिना जल्दबाजी किए पूरे एंगल से बीमारी की जांच की जाए। कोई भी दवा लिखने से पहले उसके साइड इफेक्ट्स पर दस बार सोचा जाए कि इस नाजुक मरीज का शरीर उस दवा को झेल पाएगा या नहीं। एक डॉक्टर के तौर पर मेरा काम हर एंगल से मरीज को क्लोजली ऑब्जर्व करना और पूरी मेहनत व सच्चाई से इलाज करना है। रिजल्ट की चिंता किए बिना इंसान अपनी पूरी ताकत झोंक दे, बाकी सफलता देने वाली ऊपर वाली शक्ति और मां दुर्गा ही हैं।”

नए पते पर कैसे पहुंचें दूर-दराज के मरीज?

झारखंड के कोने कोने से और बिहार यूपी एवं छत्तीसगढ़ से आने वाले मरीजों को नए पते की जानकारी कैसे मिलेगी? इस पर डॉ. भदानी ने कहा कि उनके अधिकांश मरीज ‘माउथ पब्लिसिटी’ यानी एक ठीक हुए मरीज के दूसरे को बताने से आते हैं। इसके अलावा क्लिनिक के फोन नंबर और मीडिया बंधुओं के सहयोग से भी लोगों तक यह संदेश तेजी से पहुंच रहा है। ईस्टर्न मॉल के तीसरे तल्ले पर लिफ्ट और सभी बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं। क्लिनिक में ओपीडी सोमवार से शनिवार दो पारियों में चलेगी… सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक और शाम 3:30 से देर शाम 7:00 बजे तक। रविवार को क्लीनिक बंद रहेगा। मरीज परामर्श और जांच के लिए सीधे 80925 05804 पर कॉल करके या 92346 10735 पर व्हाट्सएप मैसेज भेजकर अपना समय बुक करवा सकते हैं।

इसे भी पढ़ें : मशहूर डॉ भदानी का बदला ठिकाना, अब कहां करेंगे मरीजों का इलाज… जानें

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous ArticleIND vs WI: आखिरी टी-20 से पहले टीम इंडिया में बड़ा बदलाव, भुवनेश्वर कुमार की एंट्री
Next Article राशिफल @ 17 अक्टूबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

Related Posts

Headlines

मां के श्राद्ध का 9वां दिन : सीएम हेमंत ने निभाई दातून-पानी की परंपरा

October 16, 2026
Headlines

जमशेदपुर में देर रात आग का तांडव, 9 दुकानें जलकर खाक

October 16, 2026
Headlines

अपशकुन मान 4 साल के मासूम बेटे का रेत डाला था गला, अब उम्र कटेगी जेल में 

October 16, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

राशिफल @ 17 अक्टूबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

October 17, 2026

25 सालों का शानदार सफर, मशहूर डॉ भदानी बोले- मरीजों का भरोसा…

October 16, 2026

IND vs WI: आखिरी टी-20 से पहले टीम इंडिया में बड़ा बदलाव, भुवनेश्वर कुमार की एंट्री

October 16, 2026

मां के श्राद्ध का 9वां दिन : सीएम हेमंत ने निभाई दातून-पानी की परंपरा

October 16, 2026

‘जेलर 2’ की रिकॉर्डतोड़ ओपनिंग, पहले दिन ही ‘एनिमल’ का वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड टूटा

October 16, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.