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Patna : शाम के करीब पांच बजते ही पटना की सड़कें गांधी मैदान की तरफ मुड़ने लगी थीं। कोई कंधे पर बच्चे को बैठाए तेज कदमों से बढ़ रहा था, तो कोई परिवार का हाथ थामे मैदान में जगह तलाश रहा था। हवा में हल्की ठंडक और कान में गूंजते जय श्री राम के नारे बता रहे थे कि आज असत्य पर सत्य की जीत की सबसे बड़ी शाम है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मंगलवार को आयोजित रावण वध समारोह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शहर के हजारों लोगों की भावनाओं और आस्था का संगम बन गया। इस खास मौके पर बिहार के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) सैयद अता हसनैन, नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव और सूबे के सीएम सम्राट चौधरी मंच पर मौजूद रहे।

जब मंच पर उतरी राम दरबार की आभा
श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट की तरफ से सजे इस मंच पर शाम होते ही माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण कुमार और चेयरमैन कमल नोपानी ने मंच पर पहुंचे राज्यपाल सैयद अता हसनैन, नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अंगवस्त्र ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसके फौरन बाद जब भगवान श्रीराम और लक्ष्मण का स्वरूप मंच पर पहुंचा, तो दर्शकों की निगाहें वहीं टिक गईं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाथ में आरती का थाल उठाया और विधि-विधान से प्रभु के स्वरूप की पूजा की। उन्होंने सिर झुकाकर बिहार की खुशहाली और तरक्की की प्रार्थना की। आरती के दौरान बजते शंख और घंटी की आवाज ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया।

पटाखों के शोर और जयकारों के बीच जल उठा अहंकार
पूजा का दौर खत्म होते ही सबकी नजरें मैदान के बीचोंबीच खड़े विशाल पुतलों की ओर घूम गईं। मंच से जैसे ही इशारा हुआ, सबसे पहले कुंभकरण और मेघनाद के पुतले से आतिशबाजी छूटने लगी। धुआं, रोशनी और पटाखों की गूंज के बीच दोनों पुतले कुछ ही मिनटों में जलकर ढेर हो गए। इसके बाद आई उस मुख्य पल की बारी, जिसका इंतजार दोपहर से मैदान में डटे लोग कर रहे थे। भगवान राम के स्वरूप ने जैसे ही रावण की नाभि को निशाना बनाकर तीर छोड़ा, दस सिर वाला लंकापति लपटों से घिर गया। पुतले के अंदर से छूटते पटाखों ने आसमान को सतरंगी रोशनी से भर दिया। मैदान में मौजूद हजारों लोगों ने अपनी जगह खड़े होकर तालियां बजाईं और मोबाइल निकालकर इस नजारे को कैद करने लगे। चारों तरफ बस यही गूंज थी कि बुराई चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, उसका अंत तय है।

सत्ता, सियासत और प्रशासन का दिखा अनोखा संगम
इस भव्य आयोजन की साक्षी सिर्फ आम जनता ही नहीं बनी, बल्कि मंच पर सरकार और प्रशासन की पूरी टीम एक साथ नजर आई। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक संजय सरावगी के साथ विधायक संजय कुमार मौजूद रहे। वहीं मैदान के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त राजेश कुमार, आईजी जितेंद्र राणा, डीएम कुंदन कुमार और एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा लगातार मुस्तैद दिखे। दशहरा कमिटी के सदस्यों के साथ शहर के कई जाने-माने लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी देर रात तक गांधी मैदान के बाहर मेलानुमा रौनक और उल्लास बना रहा।
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