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Rajasthan : जिस मां की गोद को बच्चे दुनिया का सबसे महफूज ठिकाना समझते हैं, उसी मां ने जब अपने जिगर के दो टुकड़ों की जिंदगी का सौदा कर लिया, तो पूरे इलाके की रूह कांप उठी। राजस्थान के डीग जिले के बडेसरा गांव से सामने आई यह दास्तान सिर्फ एक जुर्म की कहानी नहीं है, बल्कि उस ममता के कत्ल की दास्तान है, जिसे सुनकर किसी की भी आंखें भर आएं। यहां एक कलयुगी मां ने अपने आशिक के साथ मिलकर अपने ही तेरह साल के दो जुड़वा मासूमों, विनय और विष्णु को हमेशा के लिए खामोश कर दिया। वजह सिर्फ इतनी सी थी कि दोनों मासूमों ने अपनी मां के अवैध रिश्ते का वह राज देख लिया था, जिसे वह जमाने की नजरों से छुपाए रखना चाहती थी।
जब मासूमों की नजरों में कैद हुआ मां का राज
बडेसरा गांव में रहने वाली पैंतीस साल की प्रीति के पति निरंजन की मौत पहले ही हो चुकी थी। घर में दो जुड़वा बेटे विनय और विष्णु ही उसका सहारा थे। इसी बीच प्रीति की नजदीकियां गांव के ही चालीस साल के राजेश के साथ बढ़ने लगीं। दोनों के बीच शुरू हुआ यह मेलजोल धीरे-धीरे अवैध प्रेम प्रसंग में बदल गया। घर की चौखट के भीतर चल रहे इस खेल की भनक आखिरकार उन मासूम बच्चों को लग ही गई। तेरह साल की उम्र इतनी भी छोटी नहीं होती कि बच्चे अपने आसपास होने वाली गलत बातों को समझ न सकें। विनय और विष्णु अपनी मां की इन हरकतों को भांप चुके थे। दोनों आरोपियों को यह खौफ सताने लगा कि अगर बच्चों ने मुंह खोल दिया, तो गांव और समाज में उनकी थू-थू हो जाएगी। बस इसी बदनामी के डर ने मां को जल्लाद बना दिया।
ममता का गला घोंटा और चला दी कुल्हाड़ी
जब राज खुलने का डर सिर चढ़कर बोलने लगा, तो प्रीति और उसके आशिक राजेश ने उन दो बेगुनाह बच्चों को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। जिन बच्चों को पाल-पोसकर बड़ा किया, उन्हीं पर बेरहमी से वार किए गए। पुलिस पड़ताल के मुताबिक, पहले दोनों मासूमों का गला घोंटा गया ताकि उनकी चीखें बाहर न जा सकें। इसके बाद भी जब दरिंदों का दिल नहीं भरा, तो कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार से उनके सिर और गर्दन पर वार किए गए। एक बच्चे की गर्दन पर दो और दूसरे की गर्दन पर एक गहरा जख्म मिला। खून से लथपथ दोनों बच्चों ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। इसके बाद शवों को ठिकाने लगाने के लिए घर से करीब ढाई सौ मीटर दूर एक बाड़े में ले जाकर कड़बी के ढेरों के नीचे दबा दिया गया, ताकि किसी को भनक तक न लगे।
नाना की जिद और कड़बी के ढेर से खुला खौफनाक सच
बच्चों के अचानक गायब होने पर जब उनके नाना घनश्याम को शक हुआ, तो उन्होंने थाने की चौखट खटखटाई। उन्होंने सीधे तौर पर अपनी ही बेटी और उसके आशिक पर बच्चों को गायब करने और अनहोनी का अंदेशा जताया। पुलिस ने जब बाड़े की तलाशी ली, तो कड़बी के पूंजों के नीचे से दोनों भाइयों के बेजान जिस्म बरामद हुए। घटनास्थल का मंजर देखकर खुद पुलिसकर्मियों का कलेजा भी दहल गया। घर के अंदर से खून से सने कपड़े और वारदात में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी बरामद हुई। पुलिस ने जब प्रीति और राजेश को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो मां का झूठा नकाब उतर गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आज दोनों सलाखों के पीछे हैं, लेकिन पूरे इलाके में सिर्फ एक ही चर्चा है कि कोई मां अपने इश्क के लिए इतनी अंधी कैसे हो सकती है।
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