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Ranchi : बंगाल की खाड़ी में उठा मौसमी हलचल अब झारखंड की ओर रुख करने लगा है। समुद्र में बना लो प्रेशर एरिया तेजी से ताकतवर होकर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की राह पर है। मौसम केंद्र रांची ने साफ संकेत दिए हैं कि 27 अक्टूबर से राज्य भर में बादलों का डेरा रहेगा और 28 तथा 29 अक्टूबर को अधिकांश इलाकों में मेघ जमकर बरसेंगे। रांची समेत 16 जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से धूल भरी हवाएं चल सकती हैं। कई जगहों पर भारी बारिश के साथ बिजली गिरने का भी खतरा मंडरा रहा है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने आम लोगों से लेकर किसानों तक को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है।
तूफान बनने की रफ्तार और बारिश का गणित
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी और मध्य हिस्से में दबाव का क्षेत्र तैयार हो चुका है। यह सिस्टम 24 अक्टूबर को डिप्रेशन और अगले ही दिन डीप डिप्रेशन का रूप ले लेगा। इसके बाद 26 अक्टूबर की सुबह तक इसके चक्रवाती तूफान बनकर तट की ओर बढ़ने की उम्मीद है। इस सिस्टम के आगे सरकते ही झारखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह पलट जाएगा। 27 अक्टूबर को आसमान में घने बादल छा जाएंगे और राज्य के दक्षिण-पूर्व, उत्तर-पूर्व तथा मध्य भागों में रुक-रुक कर बारिश शुरू होगी। 28 और 29 अक्टूबर को इसका सबसे तगड़ा असर दिखेगा, जब सूबे के बड़े हिस्से में मध्यम से भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।
सावधानी बरतें, वज्रपात और जलजमाव की आशंका
खराब मौसम के इस दौर में लोगों को रोजमर्रा के कामकाज के दौरान खास एहतियात बरतनी होगी। तेज हवा और वज्रपात के खतरे को देखते हुए खुले मैदानों, बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी गई है। खेतों में काम करने वाले किसान मौसम के हर अपडेट पर नजर रखें ताकि किसी हादसे से बचा जा सके। लगातार बारिश की स्थिति में शहरों और कस्बों के निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या आ सकती है, जिससे आवाजाही में दिक्कतें बढ़ेंगी। पूरी स्थिति चक्रवात की चाल, दिशा और जमीनी इलाके से टकराने की ताकत पर निर्भर करेगी।
31 अक्टूबर से सुधरेगा मौसम, बढ़ जाएगी सिहरन
राहत की बात यह है कि 30 अक्टूबर के बाद चक्रवाती असर धीमा पड़ने लगेगा और 31 अक्टूबर से एक नवंबर के बीच मौसम साफ होने लगेगा। हालांकि इस बेमौसम बारिश के कारण पारा तेजी से नीचे गिरेगा। राजधानी रांची में शुक्रवार को ही अधिकतम तापमान में लगभग दो डिग्री की गिरावट आई और यह 28 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जबकि रात का पारा गिरकर 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश का दौर थमते ही सुबह और रात की ठिठुरन में अच्छा-खासा इजाफा देखने को मिलेगा, जिससे राज्य में गुलाबी ठंड की विधिवत शुरुआत हो जाएगी।
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