अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बिहार बोर्ड, सीबीएसई या किसी अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड की परीक्षा में फेल हो चुके छात्रों के पास अपना साल बचाने का बेहतरीन मौका है। बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बीबोस) ने ट्रांसफर ऑफ क्रेडिट (TOC) की सुविधा शुरू की है। इसके तहत छात्र 31 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से चल रही है। बीबोस के इस फैसले से उन छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी जो एक या दो विषयों की वजह से 10वीं या 12वीं की परीक्षा पास नहीं कर सके थे।
पास विषयों की नहीं देनी होगी दोबारा परीक्षा
टीओसी व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्रों को उन विषयों की दोबारा परीक्षा नहीं देनी होगी जिनमें वे पहले ही पास हो चुके हैं। वे अपने पुराने बोर्ड से अधिकतम दो विषयों के अंक सीधे बीबोस में ट्रांसफर करा सकते हैं। बाकी बचे तीन विषयों की परीक्षा देकर छात्र 10वीं या 12वीं का सर्टिफिकेट हासिल कर सकेंगे। इससे छात्रों पर पढ़ाई का दबाव काफी कम होगा और उनका पूरा साल भी खराब होने से बच जाएगा।
पांच साल पुरानी मार्कशीट ही होगी मान्य
आवेदन करने वाले छात्रों को कुछ जरूरी नियमों का ध्यान रखना होगा। पंजीकरण के समय छात्रों को कुल पांच विषयों का चयन करना होगा, जिसमें ट्रांसफर कराए गए दो विषय भी शामिल रहेंगे। इसके साथ ही छात्रों के पास पिछले बोर्ड की मूल मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और अन्य जरूरी दस्तावेज होने चाहिए। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मार्कशीट पांच साल से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए।
नियमित बोर्ड के बराबर है मान्यता
बीबोस बिहार सरकार द्वारा स्थापित एक पूर्णतः मान्यता प्राप्त बोर्ड है। यह सामान्य बोर्ड की तरह ही 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आयोजित करता है। यहां से जारी प्रमाण पत्र देश के सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और सरकारी नौकरियों में पूरी तरह मान्य होते हैं। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को दोबारा पढ़ाई से जोड़ना है जो किसी कारणवश अपनी स्कूली शिक्षा पूरी नहीं कर पाए थे।
इसे भी पढ़ें : दफ्तरों के चक्कर और घरेलू कलह से मुक्ति, गांवों में महिलाओं की ढाल बने दीदी अधिकार केंद्र



