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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : अक्सर भारी मशीनों की गड़गड़ाहट, पिघलते लोहे की तपिश और फाइलों के दबाव के बीच दफ्तरों में दिन कब गुजर जाता है, पता ही नहीं चलता। लेकिन 31 अक्टूबर को रामगढ़ स्थित बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड (BFCL) का नजारा बिल्कुल जुदा था। वहां काम की आपाधापी की जगह हंसी के ठहाके थे, मेज पर फाइलें नहीं बल्कि केक सजे थे और हर चेहरे पर एक अलग ही चमक थी। मौका था अक्टूबर महीने में जन्मे 135 अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक जन्मदिन का, जिसे संस्थान ने एक बड़े पारिवारिक उत्सव में बदल दिया।

एक दिन, 135 चेहरे और अनगिनत मुस्कानें
कंपनी की इस पहल का नाम दिया गया था, “वन सेलिब्रेशन मेनी स्माइल्स”। इस आयोजन की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि इसमें पद और ओहदे की सारी दीवारें किनारे हो गईं। जीएफए कैंटीन, एचएसपी कैंटीन से लेकर मुख्य कार्यालय तक हर जगह उल्लास का माहौल दिखा।
प्लांट के अलग-अलग विभागों के तकनीकी साथियों के साथ-साथ रांची के हेड ऑफिस और एमडीएच ऑफिस के कर्मचारी भी इस जश्न में पूरी गर्मजोशी से शामिल हुए। सबने एक साथ मिलकर तालियों की गड़गड़ाहट के बीच केक काटा, एक-दूसरे को बधाई दी और अपनी खुशी बांटी। विभागों के प्रमुख भी अपने साथियों के बीच मौजूद रहे, जिससे कर्मचारियों का हौसला और बढ़ गया।

तोहफे में मिला हरियाली का वादा
इस आयोजन ने केवल खुशियां ही नहीं बांटी, बल्कि पर्यावरण को लेकर भी एक संवेदनशील संदेश दिया। आम तौर पर ऐसे मौकों पर बुके या प्लास्टिक के गिफ्ट दिए जाते हैं, लेकिन यहां पर्यावरण विभाग की मदद से हर जन्मदिन मनाने वाले साथी को एक-एक पौधा भेंट किया गया।
प्रबंधन ने कर्मचारियों से गुजारिश की कि वे इस पौधे को अपने घर या आंगन में लगाएं और उसकी देखभाल अपने परिवार के सदस्य की तरह करें। कर्मचारियों के हाथों में थमे वे नन्हे पौधे यह याद दिला रहे थे कि तरक्की और प्रकृति का साथ कितना जरूरी है।

दफ्तर से परे, परिवार जैसा अपनापन
इस मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने साथियों की मेहनत को दिल से सराहा। उनका कहना था कि BFCL की असली ताकत उसकी मशीनें नहीं, बल्कि यहां काम करने वाले लोग हैं। उनकी दिन-रात की निष्ठा और पसीने से ही संस्थान रोज नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के छोटे-छोटे प्रयास काम के माहौल को हल्का और खुशनुमा बनाते हैं। जब सहकर्मी एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होते हैं, तो दफ्तर सिर्फ काम की जगह नहीं रह जाता, बल्कि एक बड़ा परिवार बन जाता है। आयोजन के अंत में सभी 135 साथियों को उनके उज्ज्वल भविष्य और अच्छी सेहत की ढेरों शुभकामनाएं दी गईं।
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