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Patna : राजधानी पटना के गोला रोड स्थित ज्ञान निकेतन स्कूल परिसर में जब पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद के दूसरे संस्करण का दीप जला, तो हॉल में बैठे सैकड़ों युवाओं की आंखों में एक नई चमक थी। मंच से बोलते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने युवाओं से सीधा संवाद साधा और साफ शब्दों में कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने और विकसित भारत के सपने को हकीकत में बदलने की असली ताकत आज की युवा पीढ़ी के हाथों में ही है।
सीएम ने इस बात को पुरजोर तरीके से सामने रखा कि दुनिया में लोकतंत्र की जड़ें इसी बिहार की ऐतिहासिक धरती से जुड़ी हैं। आजादी के 80वें पड़ाव की ओर बढ़ते देश के सामने अब यह जिम्मेदारी है कि वह अपनी लोकतांत्रिक विरासत को संजोए रखे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का रास्ता नई पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी से ही तय होगा। इस दौरान उन्होंने आयोजन से जुड़े लोगों का हौसला बढ़ाया और दिवंगत आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके योगदान को नमन किया।
Gen Z और Gen Alpha की ऊर्जा से मजबूत होगा लोकतंत्र
सीएम ने इतिहास और वर्तमान का तालमेल बिठाते हुए कहा कि बदलाव हमेशा नई सोच से ही आता है। उन्होंने अतीत के पन्ने पलटते हुए याद दिलाया कि वर्ष 1974 के छात्र आंदोलन में युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई थी और पूरे देश की राजनीति को नई दिशा दी थी। उन्होंने कहा कि आज का समय Gen Z और Gen Alpha का है। तकनीक और नए विचारों से लैस इस नई पीढ़ी को लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में काम करना होगा। पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद जैसे मंच युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के प्रति सजग करने का बेहतरीन जरिया हैं। आज की युवा पीढ़ी अगर संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की बारीकियों को समझेगी, तभी देश सही दिशा में आगे बढ़ेगा।
पटना में “पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0” में युवाओं से संवाद किया।
युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने, ज्ञान अर्जित करने और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
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— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) November 1, 2026
लोकतंत्र में जनता ही मालिक, लोकलाज से चलती है सरकार
अपने संबोधन में सीएम ने सत्ता और जनता के रिश्ते को बेहद साफगोई से परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे बड़ा सच यही है कि यहां जनता ही असली मालिक है और हुकूमत हमेशा लोकलाज से चलती है। जनता जब किसी को चुनकर शासन की बागडोर सौंपती है, तो इसका मतलब यह कतई नहीं कि कोई खुद को भाग्यविधाता मान बैठे। सरकार की पहली और आखिरी जिम्मेदारी सिर्फ इतनी है कि वह जनता की उम्मीदों, उनकी तकलीफों और उनकी आवाज को सुने।
सीएम ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि नीतियां जनहित के लिए बनती हैं। अगर जनता के हित में लिए गए फैसलों या बनाए गए कानूनों की समीक्षा की जरूरत महसूस हो, तो सरकार को बिना किसी संकोच के आगे आना चाहिए और जरूरत पड़ने पर उन्हें वापस लेने का साहस भी दिखाना चाहिए। वही नेतृत्व सफल होता है जो जनता और खासकर युवाओं की उम्मीदों के मुताबिक फैसले लेता है।
संपन्न लोग छोड़ें मुफ्त बिजली का लाभ, विकास में हाथ बंटाएं
राज्य के संसाधनों और जनकल्याणकारी नीतियों का जिक्र करते हुए सीएम ने समाज के साधन संपन्न तबके से एक खुली अपील की। उन्होंने बताया कि बिहार में सभी परिवारों को 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिस पर राज्य सरकार सालाना करीब 23 हजार करोड़ रुपए की भारी सब्सिडी खर्च कर रही है। हर परिवार पर औसतन 8 से 10 हजार रुपए का खर्च सरकार उठाती है।
सीएम ने कहा कि जो परिवार आर्थिक रूप से सक्षम हैं, अच्छा कमा रहे हैं और आयकर देते हैं, उन्हें स्वेच्छा से आगे आकर इस मुफ्त बिजली का लाभ छोड़ना चाहिए। अगर संपन्न लोग इस छूट को छोड़ते हैं, तो वही बचा हुआ पैसा राज्य के विकास, सड़कों, अस्पतालों और नए शिक्षण संस्थानों को संवारने में खर्च हो सकेगा। उन्होंने केंद्र सरकार के प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि बुनियादी सुविधाएं आज देश के हर जरूरतमंद तक पहुंच रही हैं।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही असली पूंजी, रात एक बजे भी शिक्षक दे रहे मदद
शिक्षा को तरक्की की असली बुनियाद बताते हुए सीएम ने कहा कि ज्ञान अर्जन के जरिए ही कोई भी समाज आगे बढ़ सकता है। बिहार सरकार ने उच्च शिक्षा की राह आसान करने के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना लागू की है, जिसके तहत मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य उच्च पाठ्यक्रमों के लिए छात्रों को 4 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद दी जाती है। इस योजना पर हर साल लगभग 18 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के सभी 534 प्रखंडों में 700 मॉडल स्कूल बनाए गए हैं, जहां करीब साढ़े तीन लाख बच्चे आधुनिक शिक्षा हासिल कर रहे हैं। इन छात्रों के लिए ‘विद्यार्थी साथी ऐप’ की व्यवस्था की गई है, जिसकी खूबी यह है कि अगर किसी बच्चे को रात के एक बजे भी पढ़ाई में कोई उलझन आए, तो ऐप के जरिए महज एक मिनट के भीतर शिक्षक की मदद मिल जाती है।
सीएम ने सांसद शांभवी चौधरी और संस्थापक सायन कुणाल की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से रूबरू कराने के लिए इस तरह के आयोजन हर साल निरंतर आयोजित होने चाहिए।
कार्यक्रम को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, सांसद शांभवी चैधरी एवं पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद के संस्थापक सायन कुणाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चैधरी, सांसद शांभवी चैधरी, विधायक विशाल प्रशांत, सीबीएसई पटना के क्षेत्रीय पदाधिकारी जंगम सुनील कुमार, पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद के संस्थापक सायन कुणाल, ज्ञान निकेतन स्कूल के प्राचार्य शैलेन्द्र मोहन झा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं युवा मौजूद थे।
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