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Rohtas : बिहार के रोहतास जिले में पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान एक काले रंग की एसयूवी कार से 66 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। यह कार्रवाई शिवसागर थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर स्थित टोल प्लाजा के पास शनिवार रात की गई। पुलिस ने मौके से कार सवार दो महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है। तीनों से जब इस भारी भरकम रकम के बारे में दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई वैध कागजात पेश नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने कैश, कार और मोबाइल फोन जब्त करते हुए तीनों को हिरासत में ले लिया।
नाकेबंदी देखकर ड्राइवर ने भगाने की कोशिश की कार
शनिवार की रात शिवसागर थानाध्यक्ष रितेश कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि वाराणसी की ओर से आ रही काले रंग की एक्सयूवी-300 कार में बड़ी रकम ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और आनन-फानन में एक विशेष टीम बनाकर शिवसागर टोल प्लाजा के पास चेकिंग शुरू कर दी गई। रात करीब 9 बजे जैसे ही संदिग्ध कार (रजिस्ट्रेशन नंबर BR-24AL-9617) वहां पहुंची, पुलिस जवानों ने उसे रुकने का इशारा किया। पुलिस टीम को सामने देखते ही चालक ने रफ्तार बढ़ाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने पीछा कर गाड़ी को घेर लिया।
सीट के नीचे और कपड़ों में छिपा रखे थे नोटों के बंडल
कार रुकने के बाद जब पुलिस ने तलाशी शुरू की, तो हैरान करने वाली बात सामने आई। चालक की सीट कवर के नीचे से साढ़े चार लाख रुपये बरामद हुए। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों की मदद से कार में बैठी दोनों महिलाओं की तलाशी ली गई, तो उनके कपड़ों और शरीर में छिपाकर रखे गए नोटों के बड़े बंडल मिले। इनमें से एक महिला के पास से 26 लाख रुपये और दूसरी के पास से 36 लाख रुपये निकाले गए। कुल मिलाकर कार से 66 लाख 50 हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और गाड़ी को जब्त कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सासाराम नगर के नवरत्न बाजार निवासी चंदन कुमार (32 वर्ष), उसकी पत्नी ज्योति कुमारी (30 वर्ष) और परमानंद सोनी की पत्नी पूनम कुमारी (34 वर्ष) के रूप में हुई है।
हवाला कनेक्शन और चुनावी फंडिंग के एंगल से जांच
एसडीपीओ विप्लव कुमार ने बताया कि तीनों आरोपियों से इतनी बड़ी रकम के स्रोत और उसे ले जाने के मकसद को लेकर पूछताछ की जा रही है। वे रुपयों से संबंधित कोई भी बैंक रसीद या दस्तावेज नहीं दिखा पाए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह पैसा वाराणसी में किसे सौंपा जाना था या वहां से लेकर कहां पहुंचाया जा रहा था। मामले में हवाला कारोबार और अवैध लेनदेन के तार जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
इस छापेमारी अभियान में थानाध्यक्ष रितेश कुमार सिंह के साथ पुलिस अवर निरीक्षक विनोद यादव, सतीश सिंह, धर्मेंद्र कुमार, जया भारती और थाने के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे। पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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