अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Pakur (Jaydev Kumar) : हाथों में कैंची, ब्रश और कंघी थामे जब ये लड़कियां शीशे के सामने खड़ी होती हैं, तो सिर्फ दूसरों का चेहरा नहीं निखारतीं, बल्कि अपने आने वाले कल की तस्वीर भी संवारती हैं। छोटे शहरों में बेटियों के लिए अक्सर रास्ते सीमित माने जाते हैं, लेकिन अगर मन में कुछ अलग करने की ठान ली जाए तो हुनर खुद ब खुद रास्ते बना देता है। पाकुड़ के राज प्लस टू रोड, हाई स्कूल के पास चलने वाले सीटी ब्यूटी पार्लर में रविवार का दिन ऐसी ही उम्मीदों और हौसलों से भरा रहा, जहां ट्रेनिंग पूरी कर चुकी छात्राओं के लिए विदाई समारोह रखा गया।
सीखने की लगन और विदाई के भावुक पल
समारोह की शुरुआत दीप जलाकर हुई। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद समाजसेवी लुत्फुल हक, राजेंद्र मंडल और जैनेंद्र सिंह ने बेटियों को अपने हाथों से प्रमाण पत्र सौंपे। जब छात्राओं के हाथ में वह कागज का टुकड़ा आया, तो उनके चेहरों पर मेहनत के सफल होने का सुकून साफ दिख रहा था। पिछले कुछ महीनों से साथ सीख रही सहेलियां एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दे रही थीं। विदाई का वक्त था तो माहौल में थोड़ा भारीपन जरूर था, लेकिन उससे कहीं ज्यादा आंखों में अपने बूते कुछ कर दिखाने की चमक थी। अतिथियों ने कहा कि घर की चारदीवारी से निकलकर हुनर सीखना ही तरक्की की पहली सीढ़ी है।

सर्टिफिकेट से आगे की सोच, मकसद असली आत्मनिर्भरता
संस्थान के निदेशक मोहम्मद हैदर अली ने इस मौके पर दिल की बात साझा करते हुए कहा कि उनका इरादा कभी भी सिर्फ ट्रेनिंग पूरी कराकर रस्म निभाने का नहीं रहा। उनका मकसद हमेशा यह रहा कि यहां से निकलने के बाद किसी भी लड़की को खर्च के लिए किसी दूसरे का मुंह न देखना पड़े। ब्यूटीशियन का काम एक ऐसा पेशा है जिसे बहुत कम लागत में अपने घर से भी शुरू किया जा सकता है। लड़कियां अपना छोटा सा पार्लर खोल सकती हैं या घर-घर जाकर अपनी सेवाएं दे सकती हैं। इससे वे न सिर्फ अपनी कमाई करेंगी, बल्कि अपने परिवार का मजबूत सहारा भी बनेंगी।
बारीकियों की सीख और नए सफर का आगाज
ट्रेनर अंजली सिंह के साथ बिताए गए दिन इन छात्राओं के लिए किसी नई पाठशाला जैसे रहे। यहां सिर्फ चेहरे की साज-सज्जा नहीं सिखाई गई, बल्कि ग्राहकों से कैसे बात करनी है, काम में सफाई कैसे रखनी है और एक छोटे से काम को कैसे बड़े कारोबार में बदलना है, यह सब भी सिखाया गया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अब ये छात्राएं एक नए इम्तिहान के लिए तैयार हैं, जहां पाकुड़ के बाजारों और मोहल्लों में उनके हुनर की परीक्षा होगी। कार्यक्रम के आखिर में सभी ने इन बेटियों की नई शुरुआत के लिए ढेरों दुआएं दीं और यह उम्मीद जताई कि इनकी यह उड़ान बाकी लड़कियों को भी हिम्मत देगी।
इसे भी पढ़ें : झारखंड में रंगदारी सिंडिकेट की टूटेगी रीढ़, विदेश में बैठे दोनों गैंगस्टरों पर इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस



