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पटना। वायरल फीवर का कहर बच्चों को अधिक सताने लगा है. बच्चे वायरल फीवर के साथ डायरिया, निमोनिया सहित अन्य वायरल बीमारियों से पीड़ित होकर अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं. ताजा रिपोर्ट के अनुसार केवल पटना जिले के सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मिलाकर करीब 1200 से अधिक बच्चे वायरल बुखार, निमोनिया आदि से पीड़ित होकर भर्ती हैं.
कोरोना काल में वायरल फीवर ने किया परेशान
पीएमसीएच, आइजीआइएमएस, एम्स के अलावा प्राइवेट अस्पतालों के शिशु रोग विशेषज्ञ भी हैरान हैं कि कोविड काल में पहली बार वायरल फीवर ने इस तरह से बच्चों को जकड़ा है. विशेषज्ञों का कहना है कि गनीमत है कि जो बच्चे शुरुआत में ओपीडी में आ रहे हैं. उन्हें भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है, जिन बच्चों का इलाज विशेषज्ञों से नहीं कराया जा रहा है वहीं गंभीर होकर अस्पताल आ रहे हैं.
मौसमी बीमारी के अधिक मरीज
सभी जरूरत वाले बच्चों को भर्ती किया जा रहा है. वर्तमान में 90 प्रतिशत बेड फुल है. जिलों के प्राइवेट अस्पतालों से रेफर होकर अधिक बच्चे आये हैं. हालांकि सभी बच्चे स्टेबल हैं, अधिकतर बच्चों को वायरल फीवर, निमोनिया व डायरिया आदि बीमारी है. इन्फेक्शन को लेकर जांच भी की जा रही है.

