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Home » उज्जैन: मुख्यमंत्री ने नेशलिस्ट सोशल मीडिया कॉन्क्लेव का किया शुभारम्भ
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उज्जैन: मुख्यमंत्री ने नेशलिस्ट सोशल मीडिया कॉन्क्लेव का किया शुभारम्भ

January 28, 2023No Comments4 Mins Read
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उज्जैन। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार दोपहर उज्जैन के विक्रम कीर्ति मन्दिर में आयोजित दो दिवसीय सोशल मीडिया कॉन्क्लेव का दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया। भारत नीति द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश के कई हिस्सों से सोशल मीडिया विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पहले अखबार और टीवी प्रमुखता से मीडिया में छाये हुए थे, इनकी बड़ी भूमिका थी। इसके बाद आये सोशल मीडिया प्लेटफार्म ने अब कई भ्रान्तियां तोड़ दी है। टीवी दिखाये या न दिखाये, अखबार छापे या न छापे, आम जनता का प्लेटफार्म बने सोशल मीडिया ने सूचना जगत में नई क्रान्ति ला दी है। अब कोई भी बात किसी से छुपी नहीं रह सकती है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म के विशेषज्ञों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने हमारी परम्परा, हमारे धर्म को विश्व पटल पर स्थापित कर दिया है। जो लोग कभी राम का विरोध करते थे, वे अब राम नाम जप रहे हैं, जय महाकाल का उद्घोष कर रहे हैं। इस बदलाव को लाने में सोशल मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज के युग में यदि अपने विचारों का प्रचार-प्रसार करना है तो सोशल मीडिया अपरिहार्य है। सोशल मीडिया ने देश की मानसिकता बदल दी है।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश विकास के मामले में नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। आज नर्मदा जयन्ती है। हमने नर्मदा-शिप्रा को जोड़ने का कार्य किया है। इसे गंभीर, कालीसिंध व पार्वती तक ले जा रहे हैं। मध्य प्रदेश की सिंचाई क्षमता कभी सात लाख हेक्टेयर हुआ करती थी, जो अब 45 लाख हेक्टेयर हो गई है और वर्ष 2024 तक बढ़कर यह 65 लाख हेक्टेयर हो जायेगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिये अच्छा सन्देश देने के लिये उनके द्वारा प्रतिदिन पेड़ लगाने की परम्परा प्रारम्भ की गई, जिसे आज दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस पहल पर मध्य प्रदेश के लोगों ने काफी अच्छा प्रतिसाद देते हुए अंकुर पोर्टल पर पेड़ लगाकर लाखों फोटो अपलोड किये हैं। पौधारोपण के 75 दिन बाद के पौधों के लगभग 68 लाख फोटो अंकुर पोर्टल पर अपलोड हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अत्यन्त प्राचीन राष्ट्र है। पश्चिम में जब सभ्यता का उदय नहीं हुआ था तब हमारे यहां वेदों की ऋचाएं रच दी गई थी। हमारे यहां तक्षशिला और नालन्दा जैसे विश्वविद्यालय कार्यशील थे। इस देश की धरती ने हर विचार का आदर किया है। वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से देश जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है। हमारी परम्परा वसुधैव कुटुम्बकम की रही है और इसी के अनुरूप एक धरती, एक भविष्य और एक परिवार का सूत्र लेकर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ तो बाद में बना, इसके पहले हमारे ऋषियों ने विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा दे दी थी। मुख्यमंत्री ने विगत 15 वर्षों की मध्य प्रदेश की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की धरती पर पैदा होने वाली हर बेटी लखपति पैदा होती है। इस एक योजना ने स्त्री-पुरूष संख्या में बड़ा बदलाव किया है। लिंगानुपात पहले 912 हुआ करता था, जो 956 और इससे भी बढ़कर 978 हो गया है। मध्य प्रदेश में शीघ्र ही हवाई जहाज से तीर्थ दर्शन यात्रा शुरू होने वाली है। मध्य प्रदेश के शासकीय स्कूलों में रामायण व गीता पढ़ाई जायेगी। प्रदेश में मेडिकल व इंजीनियरिंग की पढ़ाई को हिन्दी में प्रारम्भ करके एक नई शुरूआत की गई है। प्रदेश गुड गवर्नेंस के मामले में भारत में प्रथम स्थान पर है और संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस पहल को पुरस्कृत भी किया है। प्रदेश में जहां पहले सड़क नहीं गड्ढे हुआ करते थे, आज चार लाख किलो मीटर सड़कें तैयार की गई हैं। मध्य प्रदेश ने पिछले 15 वर्षों में विद्युत उत्पादन को 2900 मेगावाट से 26 हजार मेगावाट तक पहुंचा दिया है। दिल्ली की मेट्रो रीवा के सोलर प्लांट में बन रही बिजली से चल रही है।

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