Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Wednesday, 4 November, 2026 • 01:26 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » ISRO के मुकुट में जड़ गया एक और मणि… जानें क्या
Headlines

ISRO के मुकुट में जड़ गया एक और मणि… जानें क्या

January 6, 2024No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
ISRO
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto

auto

New Delhi : ISRO यानी इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन के मुकुट में आज एक और मणि जड़ गया। सूर्य मिशन पर निकला इसरो का आदित्य एल-1 आज शाम चार बजे अपने मुकाम लैग्रेंज प्वाइंट-1 पर बिना किसी रुकावट के पहुंच गया। एल1 अंतरिक्ष में उस जगह को कहते है, जहां सूर्य और पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल एक जैसा होता है। सूर्य के बारे में अध्ययन करने वाले आदित्य-एल1 यान को बीते 2 सिंतबर 2023 को लॉन्च किया गया था। एल-1 प्वाइंट में प्रवेश के साथ आदित्य एल 1 आज हेलो ऑर्बिट में स्थापित हो गया। ISRO अब आदित्य एल-1 के जरिये आने वाले पांच साल तक सूर्य का अध्ययन कर जानकारी जुटा सकेगा। एल-1 प्वाइंट पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर है। यह पृथ्वी और सूर्य के बीच की कुल दूरी का महज 1 फीसदी है। दोनों पिंडों की कुल दूरी 14.96 करोड़ किलोमीटर है। इसरो के मुताबिक हेलो ऑर्बिट सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के घूमने के साथ-साथ घूमेगा।

Another grand feat accomplished by ISRO! As part of India’s maiden solar mission, Aditya L1, the observatory has been placed in the final orbit and reached its destination at Lagrange Point 1. Congratulations to the entire Indian scientist community for the great achievement!…

— President of India (@rashtrapatibhvn) January 6, 2024

पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इसरो के पहले सूर्य मिशन (आदित्य एल1) के सफलतापूर्वक अंतिम कक्षा में पहुंचने पर बधाई दी। पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया कि भारत ने एक और उपलब्धि हासिल की। भारत की पहली सौर वेधशाला आदित्य-एल1 अपने गंतव्य तक पहुंची। यह सबसे जटिल और पेचीदा अंतरिक्ष अभियानों को साकार करने में हमारे वैज्ञानिकों के अथक समर्पण का प्रमाण है। मैं इस असाधारण उपलब्धि की सराहना करने में राष्ट्र के साथ शामिल हूं। हम मानवता के लाभ के लिए विज्ञान की नई सीमाओं को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।

India creates yet another landmark. India’s first solar observatory Aditya-L1 reaches it’s destination. It is a testament to the relentless dedication of our scientists in realising among the most complex and intricate space missions. I join the nation in applauding this…

— Narendra Modi (@narendramodi) January 6, 2024

इसके साथ केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को ट्वीट करते हुए कहा कि मून वॉक से लेकर सन डांस तक भारत के लिए यह साल कितना शानदार रहा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में टीम ISRO ने एक और सफलता की कहानी लिखी है। सूर्य-पृथ्वी कनेक्शन के रहस्यों की खोज के लिए अपनी अंतिम कक्षा में पहुंच गया है।

पांच महीने पहले किया गया था लांच

भारत की पहली सौर वेधशाला आदित्य एल1 को 2 सितंबर, 2023 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सूर्य के अध्ययन के लिए लॉन्च किया गया था। आदित्य-एल 1 में सात पेलोड लगे हैं। इनमें से चार पेलोड ऐसे हैं, जो सूर्य की ओर बढ़ते समय पड़ने वाले असर को रिकॉर्ड करेंगे। आदित्य एल1 सूर्य का अध्ययन करने वाला पहला अंतरिक्ष आधारित भारतीय मिशन है। अंतरिक्ष यान को सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के लैग्रेंज प्वाइंट 1 (एल1) के चारों ओर एक हैलो ऑर्बिट में स्थापित कर दिया गया है, जो पृथ्वी से लगभग 1.5 मिलियन किमी दूर है। एल1 बिंदु के चारों ओर प्रभामंडल कक्षा (हैलो ऑर्बिट) में स्थापित उपग्रह को बिना किसी ग्रहण के सूर्य को लगातार देख सकता है।

क्या करेगा आदित्य-L1 ?

  • सौर तूफान का अध्ययन करेगा
  • सौर लहरों के वायुमंडल पर असर के बारे में पता लगाएगा
  • सूरज से निकलने वाली गर्मी पर रिसर्च करेगा
  • सौर हवाओं के विभाजन और तापमान की पड़ताल करेगा
  • सौर वायुमंडल को समझने की कोशिश करेगा
  • सूरज के किनारों पर होने वाली तपिश का पता लगाएगा
  • सूरज के किनारों पर उठने वाले तूफानों की गति मापेगा
  • सूरज के तापमान के पैटर्न को समझेगा
  • सूरज से मौसम पर पड़ने वाले असर का पता चलेगा

आदित्य-L1 का 4 हिस्सों में सफर

  1. स्पेसक्राफ्ट की लॉन्चिंग
  2. चार बार ऑर्बिट चेंज
  3. ट्रांस-लैग्रेंजियन इंसर्सन
  4.  L1 ऑर्बिट इंसर्सन

इसे भी पढ़ें : रांची में दिन दहाड़े कोयला कारोबारी को ठोक डाला

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleरांची में तैनात किये गये 200 अतिरिक्त जवान… जानें क्यों
Next Article लालू यादव को पांच साल की जेल

Related Posts

Headlines

परिवार संग चांडिल डैम पहुंचे सीएम हेमंत, बोले- इसे बनाएंगे वर्ल्ड क्लास टूरिस्ट स्पॉट

November 3, 2026
Headlines

दिल्ली में सीएम का मिशन बिहार : गयाजी में जू और जमुई-मुंगेर में उद्योग के लिए केंद्र से मांगी वन भूमि

November 3, 2026
Headlines

कृषि मंत्री की किसानों से अपील- प्राकृतिक खेती अपनाएं वरना संकट में पड़ेगा निवाला

November 3, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

राशिफल @ 04 नवंबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

November 4, 2026

जेसोवा मेले का शानदार समापन, प्रीति बोलीं- बाजार तो बहाना है, असल मकसद महिलाओं को ताकतवर बनाना है

November 3, 2026

अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान- 2027 में खुद नहीं लड़ेंगे यूपी विधानसभा चुनाव

November 3, 2026

फाइलों से फुरसत, पिच पर धमाल… CCL महिला क्रिकेट में पैंथर्स बनी सिकंदर

November 3, 2026

सुप्रीम कोर्ट में नौकरी पाने का मौका, 35 साल तक के युवा कर सकते हैं आवेदन

November 3, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.