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Ranchi : झारखंड विकास के नए पन्नों की तैयारी में है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में अधिकारियों के साथ राज्य की रणनीति पर गहन चर्चा की। यह बैठक 16वें वित्त आयोग की टीम के झारखंड दौरे की पूर्व तैयारी के लिए आयोजित की गई थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा, “राज्य के विकास का रोडमैप ऐसा हो, जो हर वर्ग, हर समुदाय तक पहुंचे।” बैठक में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर सहित वित्त विभाग और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
तैयारी का खाका
16वें वित्त आयोग की 11 सदस्यीय टीम 28 मई से 4 दिन के दौरे पर झारखंड आ रही है, जिसकी अगुवाई अरविंद पनगढ़िया कर रहे हैं।
- 30 मई को रांची में मुख्य बैठक : इस बैठक में आयोग को राज्य की वित्तीय स्थिति, अनुदानों के उपयोग, विकास कार्यों, और सामाजिक-आर्थिक उपलब्धियों से अवगत कराया जाएगा।
- राज्य सरकार आयोग को एक मेमोरेंडम (ज्ञापन) भी सौंपेगी, जिसमें सिंचाई, क्वालिटी एजुकेशन, हेल्थ, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन के क्षेत्र में सिफारिशें शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “झारखंड के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विकास की गति तेज हो, यही हमारी प्राथमिकता है।”
देवघर से लेकर रांची तक संवाद का सिलसिला
- 29 मई को टीम देवघर जाएगी: बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा के बाद स्थानीय निकायों से संवाद किया जाएगा।
- 30 मई को रांची में: ट्रेड इंडस्ट्री, चैंबर ऑफ कॉमर्स, स्थानीय निकायों और राजनीतिक दलों से भेंट की जाएगी।
- 31 मई को टीम दिल्ली के लिए रवाना होगी।
इसलिए खास है यह दौरा
यह दौरा केवल आंकड़ों की प्रस्तुति नहीं है, बल्कि झारखंड के भविष्य की दिशा तय करने वाला संवाद है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपील की कि वे हर सेक्टर की आउटपुट प्रजेंटेशन से यह दिखाएं कि झारखंड बदल रहा है, बढ़ रहा है और बुलंदियों की ओर अग्रसर है।
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