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News Samvad : भारत सरकार ने साइबर अपराधों पर रोक लगाने और जांच प्रक्रिया को तेज करने के लिए ई-जीरो FIR सेवा की शुरुआत की है। इस सुविधा के तहत, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज 10 लाख रुपये से अधिक की साइबर वित्तीय ठगी की शिकायतें स्वचालित रूप से FIR में बदल जाएंगी।
कैसे काम करेगा ई-जीरो FIR?
- अगर कोई व्यक्ति NCRP पोर्टल या 1930 हेल्पलाइन पर साइबर ठगी की शिकायत करता है, तो यह स्वतः जीरो FIR में बदल जाएगी।
- यह FIR ई-क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज होगी और फिर संबंधित साइबर पुलिस स्टेशन को भेज दी जाएगी।
- शिकायतकर्ता को तीन दिनों के भीतर साइबर पुलिस स्टेशन जाकर जीरो FIR को फॉर्मल FIR में बदलवाना होगा, ताकि आगे की जांच हो सके।
क्या फायदा मिलेगा?
- तेजी से जांच: शिकायत मिलते ही जांच शुरू होगी, जिससे देर न हो।
- डिजिटल प्रक्रिया: FIR दर्ज करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध हैं।
- अपराधियों पर सख्त कार्रवाई: सरकार का मानना है कि इससे साइबर अपराधियों को जल्दी पकड़ा जा सकेगा।
कानूनी मान्यता
ई-जीरो FIR भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(1) और 1(ii) के तहत पूरी तरह कानूनी रूप से मान्य है।
क्या पैसे वापस मिलेंगे?
अगर पीड़ित जल्दी रिपोर्ट करता है, तो जांच में तेजी आएगी और गोल्डन आवर में कार्रवाई होने से पैसे की वापसी की संभावना बढ़ जाएगी। हालांकि, यह पैसे की वापसी की गारंटी नहीं देता।
पहले चरण में दिल्ली में लॉन्च
ई-जीरो FIR को दिल्ली में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। अगर यह पहल सफल रही, तो इसे देशभर में लागू किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे साइबर अपराधों पर नियंत्रण किया जा सकेगा और पीड़ितों को त्वरित राहत मिलेगी।
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