अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Uttar Pradesh : बिजनौर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 6 साल की मासूम बच्ची पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला किया। बताया जा रहा है कि कुत्तों ने बच्चे को मुंह में दबाकर एक दूर किनारे ले जाकर खूनी हमले किए, जिससे उसकी मौत हो गई।
ऐसी घटनाएं अब कम नहीं रह गई हैं। आवारा कुत्तों के हमले के कई मामले रोजाना कहीं न कहीं सामने आते रहते हैं, जिनमें अधिकतर शिकार बच्चे, बुजुर्ग या अकेले घूम रहे लोग होते हैं। ये हमले केवल एक खौफ पैदा नहीं करते, बल्कि स्थानीय प्रशासन और समाज की सार्वजनिक सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करते हैं।
आसामाजिक और मौसमीय कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक आवारा कुत्ते अक्सर डर, भूख, और अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए आक्रामक हो जाते हैं। कई बार ये झुंड में रहते हैं, जिससे इनकी आक्रामकता बेहद बढ़ जाती है। इसके अलावा रेबीज जैसी संक्रामक बीमारियां भी इनके व्यवहार को खतरनाक बना देती हैं।
मौसम के बदलते प्रभाव, खासकर गर्मी और बारिश के मौसम में कुत्तों का स्वभाव चिड़चिड़ा और आक्रामक हो जाता है। गर्मी में कुत्तों को ठंडी जगह, पानी और आराम की कमी होती है, जिससे उनका शरीर थक जाता है और व्यवहार में तेज़ी आती है। बारिश में त्वचा, खुजली और संक्रमण की समस्या बढ़ जाती है, जिससे वे और अधिक चिड़चिड़े हो जाते हैं।
बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
पेरेंट्स को चाहिए कि वे बच्चों को कुत्तों से डरना और उनके व्यवहार को समझना सिखाएं। बच्चों को कुत्तों को परेशान न करने, उन पर पत्थर न फेंकने, या उन्हें चिढ़ाने से बचाने की सलाह दें। गली-मोहल्ले में बच्चों को अकेला न छोड़ें, खासकर जब आवारा कुत्तों का झुंड आसपास हो।
यदि आसपास कोई आक्रामक कुत्ता नजर आए तो स्थानीय प्रशासन को तुरंत सूचित करना आवश्यक है ताकि समय पर कार्रवाई हो सके।
कुत्तों के हमले से बचाव के उपाय
अगर किसी कुत्ते ने हमला कर दिया है, तो घबराना नहीं चाहिए। कुत्ते की आंखें सीधे न देखें क्योंकि इससे वह और आक्रामक हो सकता है। तेज भागने की बजाय धीरे-धीरे पीछे हटते हुए अपने और कुत्ते के बीच किसी वस्तु जैसे बैग, छड़ी या कपड़े को रखें।
अगर हमला हो जाए, तो तुरंत गिरकर सिर और गर्दन को हाथों से ढक लें और जोर-जोर से मदद के लिए आवाज़ लगाएं। आसपास के लोग समय रहते मदद के लिए पहुंच सकते हैं।
हमले के बाद तुरंत क्या करें?
जिस व्यक्ति को कुत्ते ने काटा हो, उसे तुरंत घाव को साफ पानी से धोना चाहिए और साबुन से अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। घाव को साफ कपड़े या पट्टी से ढक दें ताकि संक्रमण का खतरा न बढ़े।
यदि खून बह रहा हो तो बंद करने की कोशिश करें और जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आवश्यक दवाइयां और टीके प्रदान करेंगे। घरेलू उपचार न करें और हमेशा पेशेवर चिकित्सा सलाह लें।
इसे भी पढ़ें : ऑटोमोबाइल व्यवसायी विनय सिंह के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी… जानें क्यों



