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Patna : बिहार के पंचायती राज विभाग के मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि ग्राम पंचायतों के विकास से ही राज्य और देश का विकास तेजी से होगा, पंचायत उन्नति सूचकांक-2.0 लक्षित योजना निर्माण एवं ग्राम पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दे कर उनके विकास में सहायक सिद्ध होगा। पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी पंचायत उन्नति सूचकांक–2.0 देश भर की ग्राम पंचायतों का स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्य के 9 विषयों पर प्रदर्शन का मूल्यांकन कर रैंक निर्धारित किया जाएगा।CM नीतीश कुमार के नेतृत्व में कार्यरत बिहार सरकार राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तीकरण के लिए शुरुआती दिनों से ही निरंतर काम कर रही है। पंचायत उन्नति सूचकांक – 2.0 ग्राम पंचायतों को एक दूसरे के अच्छे कार्यों को सीखने में मददगार होगा। आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में प्रतिभागी इसकी तकनीकी पहलुओं से अवगत हो बेहतर तरीके से इसका प्रयोग करें, ताकि राज्य में अच्छा कार्य कर रहीं अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके। मौका था पंचायत उन्नति सूचकांक -2.0 विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का। कार्यक्रम पटना के एक निजी होटल में आयोजित की गयी थी। मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता यहां बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे थे। इस कार्यक्रम में बिहार के सभी जिलों के उप-विकास आयुक्त, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, प्रोग्रामर, प्रत्येक जिले से दो पंचायत जनप्रतिनिधि एवं लाईन डिपार्टमेंट के नोडल पदाधिकारियों ने प्रतिभागी के रूप में हिस्सा लिया। मौके पर मंत्री ने साल 2025-26 के लिए बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्थान द्वारा राज्य के त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों के क्षमता संवर्धन के लिए निर्मित प्रशिक्षण कैलेंडर का अनावरण भी किया।
आयोजित कार्यशाला में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि पंचायत उन्नति सूचकांक – 2.0 पंचायत विकास सूचकांक से अधिक प्रभावी है। यह बेहतर ग्राम पंचायत विकास योजना बनाने में सहायता करेगा। पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इस नए मानक में आंकड़ों के संकेतकों को कम किया गया है, क्योंकि पूर्व के सूचकांक में कई आंकड़ों के संकेतक एक जैसे थे। इसके माध्यम से एकत्रित आंकड़े पूर्व के सूचकांक से प्राप्त आंकड़ों से और अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावी होंगे। इसमें हर चरण पर आंकडों के क्रॉस वेरिफिकेशन का प्रावधान है। यह स्थानीयकृत सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में अधिक सहायक सिद्ध होगा। साथ ही यह ग्राम पंचायतों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दे कर एक दूसरे के उल्लेखनीय कार्यों को सीखने में मदद करेगा। पंचायत उन्नति सूचकांक पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। बीते वर्ष राज्य की तीन ग्राम पंचायतों को राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त करने पर दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
कार्यक्रम में मंत्री केदार प्रसाद ने जिलों के उप-विकास आयुक्त एवं जिला पंचायत राज पदाधिकारियों को निदेशित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों में पंचायत सरकार भवन निर्माण एवं मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाईट योजना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है अतः इन योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना पदाधिकारियों की जवाबदेही है।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को ग्रुप एक्टिविटी के जरिये हैंड्स ऑन ट्रेनिंग भी दी गयी। आयोजित कार्यशाला में पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने प्रतिभागियों को पंचायत उन्नति सूचकांक द्वारा नीति निर्माण की प्रक्रिया के बारे में बताया। वहीं विभाग के डायरेक्टर प्रशांत कुमार सीएच ने प्रतिभागियों को पंचायत उन्नति सूचकांक – 2.0 की तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया। वहीं, कार्यशाला में विभाग की विशेष सचिव प्रीति तोंगरिया, अपर सचिव नजर हुसैन, संयुक्त सचिव शम्स जावेद अंसारी सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी भी मौजूद रहे।
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