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News Samvad : आजकल खराब लाइफस्टाइल के कारण लोगों में हाई और लो ब्लड प्रेशर की समस्या आम होती जा रही है। लो ब्लड प्रेशर को हाइपोटेंशन (Hypotension) और हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन (Hypertension) कहा जाता है। कभी-कभी बीपी का थोड़ा ऊपर-नीचे होना सामान्य है, लेकिन अगर यह अक्सर होने लगे तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, लो ब्लड प्रेशर अक्सर बिना किसी खास लक्षण के होता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि यह समस्या कब सामान्य है और कब डॉक्टर के पास जाने की जरूरत है।
लो ब्लड प्रेशर क्या है?
जब दिल खून को पूरे शरीर में पंप करता है, तो वह नसों पर दबाव डालता है, जिसे ब्लड प्रेशर कहते हैं। अगर यह दबाव 90/60 mmHg (मिलीमीटर ऑफ मर्करी) से नीचे चला जाता है, तो इसे लो ब्लड प्रेशर कहा जाता है। इस स्थिति में शरीर के अंगों को पर्याप्त मात्रा में ब्लड और ऑक्सीजन नहीं मिल पाता, जिससे चक्कर आना, थकान, धुंधलापन और कभी-कभी बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
लो ब्लड प्रेशर के लक्षण
लो ब्लड प्रेशर होने पर व्यक्ति को चक्कर, थकान, धुंधलापन या बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ये लक्षण अक्सर बैठने या खड़े होने के तुरंत बाद महसूस होते हैं।
लो ब्लड प्रेशर के कारण
लो ब्लड प्रेशर के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे:
- डिहाइड्रेशन
- हार्ट संबंधी समस्याएं
- हॉर्मोनल असंतुलन
- खून की कमी
- गर्म मौसम, तनाव या अचानक दर्द
महिलाओं में प्रेग्नेंसी के दौरान हार्मोनल बदलावों की वजह से भी ब्लड प्रेशर गिर सकता है, जो आमतौर पर डिलीवरी के बाद सामान्य हो जाता है।
लो ब्लड प्रेशर का इलाज
लो ब्लड प्रेशर का इलाज इसके कारण पर निर्भर करता है। आमतौर पर लाइफस्टाइल में बदलाव जैसे ज्यादा पानी पीना, धीरे-धीरे उठना और थोड़ा नमक ज्यादा खाना इसमें मददगार हो सकता है। कुछ मामलों में डॉक्टर दवाएं भी लिख सकते हैं।
बचाव के उपाय
लो ब्लड प्रेशर से बचने के लिए लाइफस्टाइल और खानपान में कुछ बदलाव जरूरी हैं, जैसे:
- पर्याप्त पानी पीना
- संतुलित आहार लेना
- नियमित हल्की एक्सरसाइज करना
विशेषज्ञों के जवाब
विशेषज्ञों का कहना है कि लो ब्लड प्रेशर हमेशा खतरनाक नहीं होता, लेकिन अगर इससे चक्कर या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें तो यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। अगर आपको लो ब्लड प्रेशर के लक्षण महसूस होते हैं, तो तुरंत बैठ जाएं या लेट जाएं और पानी पिएं।
इस समस्या को नजरअंदाज न करें। समय पर सही कारण की पहचान और इलाज कराना बेहद जरूरी है।



