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News Samvad : पीरियड्स के दौरान पेट में दर्द और ऐंठन यानी पीरियड क्रैम्प्स महिलाओं की सबसे आम समस्याओं में से एक है। किसी को हल्का दर्द होता है तो किसी को इतना ज्यादा कि रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कई महिलाएं दवाइयों के साथ-साथ पुराने घरेलू नुस्खों का भी सहारा लेती हैं।दरअसल, सालों से चली आ रही ये घरेलू विधियां शरीर की मांसपेशियों को आराम देने और दर्द को कम करने में मदद करती हैं। हालांकि, इनका असर हर महिला पर एक जैसा नहीं होता। आइए जानते हैं ऐसे दो घरेलू उपायों के बारे में, जिन्हें लंबे समय से पीरियड्स के दर्द को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।
गर्म पानी की सिकाई से मिल सकती है राहत
पीरियड्स के दौरान पेट के निचले हिस्से में गर्म सिकाई करना सबसे आसान और लोकप्रिय उपायों में से एक माना जाता है।
कैसे करें इस्तेमाल?
गर्म पानी की बोतल या हीटिंग पैड को पेट के निचले हिस्से पर करीब 15 से 20 मिनट तक रखें। जरूरत महसूस होने पर दिन में 2 से 3 बार ऐसा किया जा सकता है।
क्यों फायदेमंद माना जाता है?
गर्माहट मिलने से पेट की मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं। साथ ही ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे ऐंठन और दर्द में कमी आ सकती है। कई महिलाओं को इससे तुरंत आराम महसूस होता है।
किन बातों का रखें ध्यान?
पानी या हीटिंग पैड बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा जल सकती है। यदि आपकी त्वचा संवेदनशील है तो गर्म पानी की बोतल और त्वचा के बीच तौलिया जरूर रखें।
क्या यह सभी महिलाओं के लिए असरदार है?
अधिकांश महिलाओं को गर्म सिकाई से आराम मिलता है, लेकिन जिन महिलाओं को एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्याएं हैं या जिनका दर्द बहुत ज्यादा गंभीर होता है, उनके लिए केवल यह उपाय पर्याप्त नहीं हो सकता। ऐसे मामलों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
अदरक और तुलसी की चाय भी हो सकती है मददगार
रसोई में आसानी से मिलने वाली अदरक और तुलसी को भी पीरियड्स के दर्द को कम करने के लिए उपयोगी माना जाता है।
कैसे बनाएं?
एक से दो इंच अदरक को पानी में उबालकर चाय तैयार करें। वहीं, तुलसी की कुछ पत्तियों को गर्म पानी में 5 से 7 मिनट तक भिगोकर भी पी सकते हैं। स्वाद के लिए थोड़ा शहद मिलाया जा सकता है।
क्यों किया जाता है इसका इस्तेमाल?
अदरक और तुलसी में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो शरीर में सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि ये पेट की ऐंठन और पीरियड्स के दौरान होने वाली असहजता को कुछ हद तक कम कर सकती हैं।
क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
चाय में जरूरत से ज्यादा चीनी या दूध न डालें। यदि आपको गैस, एसिडिटी या किसी तरह की एलर्जी की समस्या है तो पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
क्या हर महिला को फायदा होता है?
हल्के और मध्यम स्तर के पीरियड दर्द में अदरक और तुलसी की चाय राहत दे सकती है। हालांकि, अगर दर्द बहुत ज्यादा हो या हार्मोनल असंतुलन जैसी कोई समस्या हो, तो केवल इस घरेलू उपाय पर निर्भर रहना सही नहीं होगा।
कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?
अगर पीरियड्स का दर्द हर महीने इतना बढ़ जाता है कि सामान्य कामकाज प्रभावित होने लगे, दर्द निवारक दवाओं से भी राहत न मिले या दर्द के साथ अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। कई बार गंभीर दर्द किसी दूसरी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है।
घरेलू नुस्खे मदद कर सकते हैं, लेकिन इलाज का विकल्प नहीं
गर्म सिकाई और अदरक या तुलसी की चाय जैसे घरेलू उपाय पीरियड्स के दौरान होने वाले सामान्य दर्द और ऐंठन को कम करने में सहायक हो सकते हैं। हालांकि, इनका असर व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है। यदि समस्या लगातार बनी रहती है या दर्द असहनीय हो जाता है, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

