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Palamu : हुसैनाबाद अनुमंडल पुलिस प्रशासन की ओर से शनिवार को लोहबंधा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में जन समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मकसद था प्रशासनिक सेवाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना। शिविर में पलामू के ASP राकेश सिंह, हुसैनाबाद के SDM ओमप्रकाश गुप्ता, SDPO मोहम्मद याकूब, थानेदार सोनू कुमार चौधरी ने लोगों की समस्याएं सुनी और कुछ का समाधान स्पॉट पर ही कर दिया। यह शिविर दिन के 11 बजे से शाम 4 बजे तक चला। शिविर में करीब 350 से 400 ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। इनमें से 28 लोगों ने अपनी समस्या अधिकारियों के पास रखी, जिनमें से 18 मामले का समादान ऑन दी स्पॉट कर दिया गया। वहीं, बाकी के मामलों को निपटाने का संबंधित सक्षम पदाधिकारी को निर्देश दे दिया गया है। थानेदार सोनू कुमार चौधरी के पास डायन-बिसाही से जुड़ा एक मामला पहुंचा, जिसे उन्होंने बड़े ही सरल तरीके से समा-बुझा कर निपटा दिया। शिविर में जमीन विवाद, वृद्धा पेंशन, शिक्षा, आंगनबाड़ी और नक्सली आत्मसमर्पण योजना से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता दी गई।

इस दौरान पूर्व नक्सली अजय यादव की बेटी नेहा कुमारी के विचारों ने सभी को भावुक कर दिया। नेहा ने कहा :
“नक्सलवाद हमारे समाज के लिए एक गंभीर बीमारी है। मेरे पिता भी इसी रास्ते पर चले और मारे गए। बचपन से अब तक हमने सिर्फ संघर्ष और खालीपन देखा है। मैं युवाओं से कहना चाहती हूं कि नक्सलवाद से दूर रहें और शिक्षा व विकास के रास्ते पर चलें। मैं पलामू पुलिस का आभार मानती हूं, जो आज गांव-गांव जाकर लोगों को सही दिशा दिखा रही है।”
नेहा की बातों ने न सिर्फ लोगों की भावनाओं को छुआ, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बन गई।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने स्कूली बच्चों के बीच खेल सामग्री जैसे बैट, बॉल, विकेट आदि का वितरण भी किया। पुलिस के हाथों खेल सामग्री पाकर बच्चे गदगद हो उठे।

पलामू पुलिस द्वारा इस तरह के शिविरों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने, संवाद स्थापित करने और विश्वास मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
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