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Siwan : सिवान के डॉ. रौशन पांडेय को भारत रत्नाकर पुरस्कार 2025 से नवाजा गया है। उन्हें यह सम्मान होमियोपैथी चिकित्सा पद्धति में रिसर्च और जनजागरूकता के लिए किए गए उनके उल्लेखनीय प्रयासों दिया गया है। डॉ. रौशन पांडेय मशहूर होमियोपैथिक चिकित्सक डॉ. शैलेश पांडेय और मालती देवी के बेटे हैं। उनके दादा स्व. डॉ. तपेश्वर पांडेय प्रख्यात समाजसेवी और शिक्षाविद थे। डॉ. रौशन पांडेय सिवान के लकड़ी नवीगंज प्रखंड के मूसेपुर गांव के रहने वाले हैं। यह सम्मान उन्हें गाजियाबाद के मोहन नगर स्थित नमो गंगे सभागार में आयोजित 16वीं आरोग्य संगोष्ठी के दौरान प्रदान किया गया। इस मौके पर देशभर से आए होमियोपैथी जगत के वरिष्ठ चिकित्सक और विशेषज्ञ मौजूद थे।
बिहार का नेतृत्व करने वाले अकेले चिकित्सक
डॉ. रौशन पांडेय ने इस संगोष्ठी में अपने रिसर्च आधारित इलाज की प्रस्तुति दी और बताया कि किस तरह होमियोपैथिक दवाओं के जरिए मरीजों का सफल उपचार संभव है। खास बात यह रही कि इस राष्ट्रीय मंच पर बिहार का प्रतिनिधित्व करने वाले वे अकेले होमियोपैथिक चिकित्सक थे।
परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर
डॉ. पांडेय के पिता डॉ. शैलेश पांडेय ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, “रौशन ने न सिर्फ गांव का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे प्रखंड, जिला और बिहार का गौरव बढ़ाया है।” मां मालती देवी ने बेटे को आशीर्वाद देते हुए कहा कि परिवार को उन पर गर्व है। डॉ. रौशन पांडेय के इस सम्मान से पूरे गांव में जश्न और खुशी का माहौल है।
नेताओं और समाज के गणमान्य लोगों ने दी बधाई
- गोरेयाकोठी के विधायक देवेशकांत सिंह ने कहा कि डॉ. रौशन ने होमियोपैथी का मान बढ़ाया और पूरे बिहार का नेतृत्व किया, यह हम सबके लिए गर्व का विषय है।
- पटना एम्स के कैंसर विभागाध्यक्ष डॉ. जगजीत पांडेय ने कहा कि उनकी यह उपलब्धि सारण और पूरे महराजगंज लोकसभा क्षेत्र के लिए सम्मान की बात है।
- पूर्व प्रमुख व कांग्रेस नेता अशोक सिंह, मुखिया मनोज सिंह, सरपंच लवलीन चौधरी, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष राकेश पांडेय, भाजपा के क्षेत्रीय प्रभारी राजीव तिवारी, पूर्व विधायक डॉ. देव रंजन सिंह सहित अनेक नेताओं व ग्रामीणों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इसके अलावा डॉ. अन्नू बाबू, डॉ. मोतीलाल पांडेय, डॉ. अविनाश पांडेय, डॉ. अमृता पांडेय, सतीश पांडेय, विकाश पांडेय, डॉ. मधु पांडेय, अधिवक्ता शिवाकांत पांडेय, शिक्षक मोतीलाल प्रसाद समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
क्या है भारत रत्नाकर पुरस्कार
- यह पुरस्कार होमियोपैथी और आयुष पद्धति में रिसर्च, जनजागरूकता और सेवा कार्यों के लिए दिया जाता है।
- देशभर से चुनिंदा चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को सम्मानित किया जाता है।
- पुरस्कार का उद्देश्य वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देना और आम लोगों तक पहुंचाना है।
क्या होता है आरोग्य संगोष्ठी
- “आरोग्य संगोष्ठी” एक राष्ट्रीय स्तर का वार्षिक सम्मेलन है।
- इसमें देशभर से होमियोपैथी, आयुर्वेद और अन्य चिकित्सा पद्धति के विशेषज्ञ जुटते हैं।
- मंच पर नए शोध, केस स्टडी और चिकित्सा के सफल अनुभव साझा किए जाते हैं।
- 2025 में इसका 16वां संस्करण गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के नमो गंगे सभागार में आयोजित हुआ।
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