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Hazaribagh (Pawan Thakur) : हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र में बीते 24 अप्रैल को जो हुआ, उसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। दिन के करीब 3:15 बजे, जब लोग बाजार में थे, सड़क पर चहल-पहल थी और बैंक में रोज की तरह लेन-देन चल रहा था… तभी अचानक चार हथियारबंद अपराधी बैंक ऑफ महाराष्ट्रा की शाखा में दाखिल हुए। चेहरे पर नकाब नहीं, लेकिन चाल ऐसी कि किसी को शक तक नहीं हुआ। दो-दो करके वे अंदर घुसे। कुछ ही सेकेंड में माहौल बदल गया। एक झटके में पिस्टल और देसी कट्टा बाहर निकला और बैंक स्टाफ पर तान दिया गया। आवाज आई, “कोई हिला तो गोली मार देंगे…” बस फिर क्या था… बैंक के भीतर डर और दहशत का सन्नाटा पसर गया।
काउंटर पर काम कर रहे कर्मचारियों को पीटा, जान से मारने की दी धमकी
बैंक में मौजूद कर्मचारी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही अपराधियों ने उन्हें घेर लिया। जो विरोध करने की कोशिश करता, उसे धक्का दिया गया, मारपीट की गई और धमकी दी गई। ग्राहक भी सहमे रह गए। कुछ को तो यह समझ ही नहीं आया कि यह कोई फिल्मी सीन नहीं बल्कि असली लूट है। कुछ ही मिनटों में अपराधियों ने बैंक का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया।
अलार्म सिस्टम काटा, बैंक को बना दिया कैदखाना
सबसे पहले अपराधियों ने बैंक के अलार्म सिस्टम पर ध्यान दिया। उन्होंने अलार्म के माइक्रोफोन और कनेक्शन को काट दिया, ताकि कोई मदद न पहुंच सके। फिर एक-एक करके सभी बैंक कर्मियों को कब्जे में लिया गया। कोई चीख न सके, कोई बाहर खबर न कर सके, इसके लिए कर्मचारियों को धमकाते हुए स्ट्रांग रूम की तरफ ले जाया गया। और फिर… सभी कर्मियों को स्ट्रांग रूम में बंद कर दिया गया। बैंक के भीतर लोग कैद थे और बाहर लोगों को भनक तक नहीं थी कि अंदर क्या चल रहा है।
4 लाख कैश और करीब 4 किलो सोना समेट कर निकल गए अपराधी
लुटेरों का असली निशाना था गोल्ड लोन का सोना। बैंक से उन्होंने नकद 422492 रुपये, गोल्ड सेफ में रखा 78 पैकेट सोना जिसका अनुमानित वजन 3.987 किलो था, लूट लिया। सोने के पैकेट उठाते समय अपराधियों के चेहरे पर जल्दबाजी नहीं थी। ऐसा लग रहा था जैसे वे पूरी तैयारी और जानकारी के साथ आए हों। वे जानते थे कि क्या लेना है और कहां से लेना है।

बैंक का शटर गिराया, बाहर ताला लगाया और बाइक से फरार
लूट के बाद अपराधियों ने ऐसा कदम उठाया, जिससे पुलिस भी कुछ देर तक गच्चा खा गई। उन्होंने बैंक कर्मियों को अंदर बंद करने के बाद बैंक के बाहर चैनल गेट पर ताला लगाया, शटर गिराया और फिर बैंक के बाहर से ही ताला लगाकर निकल गए। यानि बैंक के अंदर कर्मचारी बंद थे और बाहर से बैंक बंद दिखाई दे रहा था। इसके बाद अपराधी दो पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। एक बाइक आगे, दूसरी पीछे। पूरा इलाका पार कर वे निकल गए और किसी को भनक तक नहीं लगी।
घटना की खबर मिलते ही पुलिस में मची हलचल
जैसे ही सूचना पुलिस तक पहुंची, हजारीबाग पुलिस हरकत में आ गई। जिले के पुलिस कप्तान अमन कुमार ने इसे गंभीरता से लिया और खुद घटनास्थल पर पहुंचे। चारों तरफ नाकेबंदी कराई गई। सभी संभावित रास्तों पर चेकिंग लगाई गई। बरही से निकलने वाली हर सड़क पर पुलिस की नजर रखी गई। पुलिस ने तुरंत CCTV फुटेज खंगालना शुरू किया। बैंक और आसपास के कैमरे खंगाले गए।
FSL टीम भी पहुंची, हर कोने से सबूत जुटाए गए
घटनास्थल पर FSL टीम को बुलाया गया। बैंक के अंदर से फिंगरप्रिंट, फुटप्रिंट और अन्य तकनीकी सबूत इकट्ठा किए गए। पुलिस जानती थी कि यह कोई मामूली चोरी नहीं, बल्कि सुनियोजित गिरोह की वारदात है।
FIR दर्ज, SIT बनी, खुलासे के लिए दो SDPO को कमान
बैंक के शाखा प्रबंधक अजय राम के बयान पर बरही थाना में केस दर्ज हुआ। इसके बाद तुरंत SIT बनाई गई। टीम की कमान सदर SDPO अमित आनंद और बरही SDPO अजीत कुमार विमल को मिली। दो अलग-अलग टीम बनाई गईं जो सिर्फ इसी केस पर लगातार काम कर रही थीं।
CCTV में दिखी काली स्कॉर्पियो, पुलिस को मिला बड़ा सुराग
जांच के दौरान पुलिस को एक अहम बात पता चली। घटना से पहले बैंक के आसपास एक काली स्कॉर्पियो (BR-01HN-2024) लगातार घूम रही थी। यह स्कॉर्पियो कई बार इलाके में देखी गई। पुलिस को शक हुआ कि इसी गाड़ी से रेकी की गई है। CCTV फुटेज में यह गाड़ी साफ दिखी और यहीं से केस की दिशा बदल गई।
ओडिशा में हुई 8 किलो सोना लूट से लिया क्लू, 3-4 महीने पहले ही शुरू की साजिश
पूछताछ और जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। अपराधियों ने सोशल मीडिया, फेसबुक, यूट्यूब और न्यूज रिपोर्ट देखकर यह पता किया था कि बैंक ऑफ महाराष्ट्रा गोल्ड लोन देता है। उन्होंने ओडिशा में हुई 8 किलो सोना लूट की खबर पढ़ी थी और उसी के बाद तय किया कि अब बैंक ऑफ महाराष्ट्रा को ही टारगेट बनाना है। करीब 3 से 4 महीने पहले व्हाट्सएप पर संपर्क बनाकर प्लान तैयार हुआ। करीब 2 महीने पहले बरही बैंक की रेकी कर ली गई थी।
17 अप्रैल को भी आए थे, लेकिन पुलिस गश्ती देख लौट गए
सबसे सनसनीखेज बात यह सामने आई कि अपराधी एक बार पहले भी वारदात करने आए थे। 17 अप्रैल को कुल 7 अपराधी अलग-अलग रास्तों और अलग-अलग वाहनों से बरही पहुंचे। लेकिन उस दिन इलाके में वाहन जांच और गश्त ज्यादा थी। पुलिस की चहलकदमी देखकर अपराधियों ने उसी दिन प्लान कैंसिल कर दिया। पर जाने से पहले दो अपराधी बैंक में घुसे और फिर से रेकी की।
उन्होंने भीड़, सुरक्षा, अलार्म सिस्टम और स्टाफ की गतिविधि देखी। फिर तय किया गया कि अब लूट 24 अप्रैल को ही होगी।
24 अप्रैल को 6 लोगों ने मिलकर किया खेल, 4 अंदर घुसे, 2 बाहर रहे
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के दिन अपराधियों ने पूरी रणनीति के साथ काम किया। 2 अपराधी बाहर चारपहिया वाहन के साथ अलग-अलग जगह रुके। चार अपराधी बैंक के आसपास घूमकर पुलिस गश्ती और लोगों की आवाजाही देखते रहे। जब उन्हें यकीन हो गया कि सब ठीक है, तभी वे बैंक में दाखिल हुए और अपने नापाक मंसूबे को अंजाम देने में जुट गये।
बरही से चौपारण, फिर पहाड़पुर होते हुए गया… और वहीं हुआ बंटवारा
लूट के बाद अपराधी बरही चौक से निकलकर चौपारण, पहाड़पुर होते हुए गया पहुंचे। पुलिस को जानकारी मिली कि गया में ही सोने और पैसों का बंटवारा हुआ। इसके बाद हथियार और बाइक छिपाई गई और सभी अपराधी अपने-अपने रास्ते से फरार हो गए।
वाराणसी में दबोचा गया गिरोह, STF के साथ हुई संयुक्त कार्रवाई
हजारीबाग पुलिस लगातार स्कॉर्पियो का पीछा करती रही। आखिरकार यह स्कॉर्पियो उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में पहुंची। पुलिस ने तुरंत यूपी STF से संपर्क किया और संयुक्त कार्रवाई की। वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में राजभर बस्ती, सिंहपुर, हरुआ रिंग रोड के पास स्कॉर्पियो को चारों ओर से घेर लिया गया। गाड़ी में 3 लोग सवार थे। CCTV से मिलान हुआ और पहचान पक्की हो गई। तीनों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। गिरफ्तार लुटेरों के नाम पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह (39 वर्ष), मो. अफजल (36 वर्ष) और सौरभ कुमार यादव उर्फ सोनू यादव उर्फ सानू (35 वर्ष) बताये गये। पंकज सिंह यूपी के गोरखपुर और सौरभ कुमार यादव मऊ का रहने वाला है। वहीं, मो. अफजल बिहार के नवादा जिले का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी पहले भी कई लूट कांड में शामिल रहे हैं। इन पर पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तराखंड में डकैती और आर्म्स एक्ट के केस दर्ज हैं।
20 लाख नकद और 912 ग्राम सोना बरामद, मोबाइल और स्कॉर्पियो भी जब्त
गिरफ्तार अपराधियों की तलाशी में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली। उनके पास से पुलिस ने 20 लाख रुपये कैश, 912.22 ग्राम सोना, 6 मोबाइल फोन और स्कॉर्पियो (BR-01HN-2024) जब्त किया। पुलिस का कहना है कि अपराधी सोने को बेचने के लिए गलाकर छिपा रहे थे।
गया स्टेशन की पार्किंग से मिली दोनों पल्सर बाइक
पूछताछ में लुटेरों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया और बताया कि घटना में इस्तेमाल की गई दोनों पल्सर बाइक गया रेलवे स्टेशन की पार्किंग में छिपाकर रखी गई हैं। इसके बाद इंस्पेक्टर चंद्रशेखर कुमार के नेतृत्व में टीम गया भेजी गई। टीम ने दोनों बाइक जब्त कर लीं। हालांकि गया के दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
हजारीबाग के बरही में बैंक ऑफ महाराष्ट्रा लूटकांड में 3 आरोपी गिरफ्तार, कैश और सोना बरामद, ओडिशा बैंक के 8 किलो सोना लूटकांड की खबर से मिला क्लू, फिर बरही में बोल दिया धावा
SP अमन कुमार क्या बता गये… देखें#Hazaribagh #BankRobbery #JharkhandNews #BreakingNews #NewsSamvad pic.twitter.com/PJUZMYS8vw— News Samvad (@newssamvaad) May 3, 2026
पुलिस टीम की मेहनत रंग लाई, अब बाकी फरार की तलाश जारी
इस पूरे कांड का खुलासा करने और लुटेरों को दबचने में हजारीबाद से सदर SDPO (IPS) अमित आनंद, बरही SDPO अजीत कुमार बिमल, बरही के सर्किल इंस्पेक्टर चंद्रशेखर कुमार, पेलावल सर्किल इंस्पेक्टर शाहिद रजा, बरही थानेदार बिनोद कुमार, चौपारण थानेदार सरोज कुमार चौधरी, पदमा ओपी प्रभारी संचित कुमार, पेलावल ओपी प्रभारी वेद प्रकाश पांडेय, ईचाक थानेदार गौतम कुमार, बड़ाबाजार ओपी प्रभारी पंकज कुमार, एसआई संजय रत्ना, राजवल्लभ कुमार, मृत्युंजय कुमार, सुशील कुमार, सुरजीत चौधरी, सुमीत साव, और नरेन्द्र कुमार पांडेय की भूमिका सराहनीय रही।
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