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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ के ग्रामीण इलाकों में अब स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव की हवा चल रही है। छोटे-छोटे गांवों के लोग अब बिना शहर भागे, अपनी बीमारियों का इलाज नजदीकी केंद्रों में कर सकेंगे। मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में हुई समीक्षा बैठक में डीसी फैज अक अहमद मुमताज ने स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि निर्माण कार्य समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
DIPHL और BPHU… लोगों की जिंदगी में बदलाव
भरेचनगर और पतरातू जैसे ब्लॉकों में चल रहे ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU) और जिले में प्रस्तावित डिस्ट्रिक्ट इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (DIPHL) लोगों की जिंदगी बदल सकते हैं। गांव के लोगों का कहना है कि अक्सर उन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए शहर जाना पड़ता था। अब नई लैब और यूनिट बनने के बाद जांच और इलाज का काम उनके अपने इलाके में ही संभव होगा। महिला स्वास्थ्यकर्मी बताती हैं, “पहले गर्भवती महिलाओं और बच्चों की जांच के लिए 20 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। अब हमारे गांव में ही सुविधा होगी, इससे समय और खर्च दोनों बचेंगे।”
54 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र, हर गांव में स्वास्थ्य सुविधा
15वें वित्त आयोग के तहत जिले में 54 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाए जाने हैं। इनमें से 29 की निविदा पूरी हो चुकी है और बाकी प्रक्रिया में हैं। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित काम जल्द पूरा किया जाए। ग्रामीण लोग इस बदलाव को लेकर उत्साहित हैं। रामगढ़ के छोटे गाँव मझगांव के किसान रामपाल उरांव कहते हैं, “अब बीमार होने पर हमें शहर की भीड़ में नहीं जाना पड़ेगा। हमारे बच्चों की बीमारी भी जल्दी देखी जाएगी।”
समय पर काम पूरा करना है प्राथमिकता
डीसी ने बैठक में साफ कहा कि स्वास्थ्य परियोजनाओं में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उनका मकसद यह है कि गाँवों तक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर पहुंचे और लोग बेहतर इलाज का लाभ पा सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाए और सभी परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी हों।
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