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Patna : बिहार के छोटे शहरों और गांवों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, कमी अक्सर साधनों और सही वक्त पर मिलने वाले सहारे की होती है। गोपालगंज की दो युवा ताइक्वांडो खिलाड़ी भवानी सिंह और रिया सिंह की कहानी भी कुछ ऐसी ही उम्मीद और संघर्ष से भरी है। अपनी दिन-रात की मेहनत और लगन के दम पर दोनों बेटियों ने दक्षिण कोरिया में होने वाली ‘वर्ल्ड ताइक्वांडो पूमसे चैंपियनशिप 2026’ के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई। चयन की खबर आते ही पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई, लेकिन इस बड़ी खुशी के साथ एक गहरी चिंता भी परिवार के चेहरों पर साफ नजर आ रही थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की जर्सी पहनना जितना बड़ा गौरव था, वहां तक पहुंचने का सफर आर्थिक रूप से उतना ही भारी पड़ रहा था।
मुश्किल वक्त में जब सीएम ने बढ़ाया मजबूत हाथ
विदेश में जाकर खेलने के लिए हवाई टिकट, वहां ठहरने और किट से लेकर कई जरूरी चीजों पर लाखों का खर्च आता है। मध्यमवर्गीय और सीमित संसाधनों वाले परिवारों के लिए इतनी बड़ी रकम अचानक जुटाना लगभग नामुमकिन जैसा था। दोनों खिलाड़ियों के मन में यह डर सताने लगा था कि कहीं पैसों की तंगी उनके सालों के पसीने पर पानी न फेर दे। बेटियों ने अपनी इस परेशानी को साझा करते हुए मदद की उम्मीद जताई। मामले की भनक जैसे ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लगी, उन्होंने जरा भी देर नहीं की। आमतौर पर फाइलों और सरकारी प्रक्रियाओं में वक्त लगता है, लेकिन सीएम ने खिलाड़ियों के दर्द और देश के मान को सबसे ऊपर रखा। उन्होंने बिना किसी देरी के दोनों बेटियों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का सीधा फैसला कर दिया।
गोपालगंज की प्रतिभाशाली खिलाड़ी भवानी सिंह एवं सुश्री रिया सिंह का दक्षिण कोरिया में आयोजित World Taekwondo Poomsae Championship 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयन हुआ है। यह बिहार और देश के लिए गर्व का विषय है।
दोनों खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए…
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) September 6, 2026
संवेदनशील नेतृत्व ने बदल दी उम्मीदों की तस्वीर
सीएम सम्राट चौधरी के इस त्वरित और संवेदनशील कदम ने सिर्फ पैसों की कमी दूर नहीं की, बल्कि उन बेटियों के हौसले को नई उड़ान दे दी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर खुद दोनों बेटियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि यह पूरे बिहार और देश के लिए गर्व का लम्हा है। एक जनप्रतिनिधि और राज्य के मुखिया के तौर पर जिस तत्परता से उन्होंने खिलाड़ियों की आवाज सुनी, उसने यह संदेश दिया कि बिहार में अब हुनर को लाचारी के आगे घुटने नहीं टेकने दिया जाएगा। सरकारी खजाने से मिली यह मदद वास्तव में उन माता-पिता के आंसुओं को पोंछने जैसा काम कर गई, जो अपनी बेटियों की काबिलियत देखकर भी खर्च के आगे बेबस महसूस कर रहे थे।
अब दक्षिण कोरिया में तिरंगा लहराने की बारी
रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट हटते ही भवानी और रिया के चेहरे पर खोई हुई मुस्कान लौट आई है। दोनों खिलाड़ी अब बिना किसी मानसिक तनाव के अपने अभ्यास और खेल की बारीकियों पर ध्यान लगा रही हैं। गोपालगंज की गलियों से निकलकर सीधे दक्षिण कोरिया के आधुनिक इनडोर स्टेडियम तक का यह सफर बिहार के हर उस बच्चे को हिम्मत देगा, जो अभावों में रहकर बड़े सपने देखता है। सीएम सम्राट चौधरी की इस नेक पहल ने दोनों बेटियों को यह भरोसा दिया है कि उनके पीछे पूरा प्रदेश मजबूती से खड़ा है। अब मैदान तैयार है और उम्मीद है कि जब ये दोनों बेटियां विदेशी जमीन पर उतरेंगी, तो अपनी शानदार किक्स और फॉर्म से देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करके लौटेंगी।
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