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Ranchi : झारखंड के शहरी इलाकों में ऐसे लाखों लोग हैं, जिन्होंने किसी वजह से बिना नक्शा पास कराए घर या भवन बना लिया और सालों से इस डर में जी रहे थे कि कहीं उनका भवन अवैध घोषित न हो जाए। अब ऐसे लोगों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। झारखंड सरकार ने बिना नक्शा पास बने भवनों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए गुरुवार को नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने बिल्डिंग प्लान अप्रूवल मैनेजमेंट सिस्टम (BPAMS) पोर्टल की शुरुआत की। अब भवन मालिक इस पोर्टल के जरिए 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर अपने भवन को वैध कराने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
करीब 7 लाख भवन मालिकों को मिल सकता है फायदा
झारखंड मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि यह पहल राज्य के उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है, जो लंबे समय से बिना नक्शा पास भवन बनने की समस्या से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई, जिस कारण लोग आगे नहीं आए। मंत्री ने उम्मीद जताई कि राज्य में करीब 7 लाख भवन मालिक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। उनका कहना था कि सरकार चाहती है कि लोग इस अवसर का फायदा उठाकर अपने भवन को कानूनी रूप से नियमित करा लें।
किन भवनों को मिलेगी नियमितीकरण की सुविधा
नगर विकास सचिव सुनील कुमार ने बताया कि झारखंड रेगुलराइजेशन ऑफ अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्टेड बिल्डिंग रूल्स 2026 के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है।
इसके तहत:
- निर्धारित शुल्क जमा करना होगा
- अधिकतम 300 वर्ग मीटर तक के भवन शामिल होंगे
- G+2 (ग्राउंड प्लस दो मंजिल) तक के भवन को राहत मिलेगी
- भवन की अधिकतम ऊंचाई 10 मीटर तक होनी चाहिए
- आवेदन मिलने के बाद 6 महीने के भीतर फैसला लिया जाएगा
अधिकारियों का कहना है कि इसे एक तरह से अंतिम मौका माना जा सकता है।
किन भवनों को नहीं मिलेगा फायदा
सरकार ने साफ कर दिया है कि हर तरह के अवैध निर्माण को राहत नहीं मिलेगी। कुछ श्रेणियों के भवन इस दायरे से बाहर रहेंगे।
इनमें शामिल हैं:
- सरकारी जमीन पर बने भवन
- सार्वजनिक उपक्रमों की जमीन पर अतिक्रमण कर बने निर्माण
- आवास बोर्ड, झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार, स्थानीय निकाय या नगरीय विकास प्राधिकार की जमीन पर बने भवन
- वक्फ बोर्ड या बंदोबस्ती जमीन पर बने निर्माण
- टैंक बेड और जलग्रहण क्षेत्र में बने भवन
- स्वीकृत योजना में पार्किंग के लिए तय जमीन पर निर्माण
- सीएनटी/एसपीटी एक्ट के उल्लंघन वाली जमीन पर बने भवन
- जिन संपत्तियों पर मालिकाना हक को लेकर कोर्ट केस या विवाद चल रहा हो
व्यापारिक संगठनों ने किया स्वागत
सरकार की इस पहल का व्यापारिक संगठनों ने स्वागत किया है। कार्यक्रम में झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स समेत कई व्यवसायिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। चेम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि यह लंबे समय से लंबित मांग थी। ऐसे लोग जो नक्शा पास नहीं होने की वजह से चिंता में रहते थे, अब उन्हें राहत मिलेगी। पूर्व चेम्बर अध्यक्ष और व्यवसायी किशोर मंत्री ने कहा कि पहले भी इस दिशा में प्रयास हुए थे। उस समय 500 वर्गमीटर और 15 मीटर ऊंचाई तक भवन नियमित करने का प्रस्ताव तैयार हुआ था, लेकिन मंजूरी नहीं मिल सकी। अब सरकार ने सीमित दायरे में ही सही, प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे होगा
सरकार की ओर से शुरू किए गए BPAMS पोर्टल पर भवन मालिक अपने दस्तावेज अपलोड कर आवेदन कर सकेंगे। विभाग की ओर से तकनीकी व्यवस्था भी तैयार कर ली गई है। सूडा के निदेशक सूरज कुमार ने कार्यक्रम में इसकी तकनीकी जानकारी दी।
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