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Ramgarh : सीएम हेमंत सोरेन ने शनिवार को अपने पैतृक गांव नेमरा में अपनी स्वर्गीय मां रूपी सोरेन के दशकर्म संस्कार की सभी रस्में पूरी श्रद्धा के साथ निभाईं। गांव के घर में सुबह से ही परिवार, रिश्तेदार और आसपास के ग्रामीण जुटने लगे थे। पूरे माहौल में सादगी और गहरा शोक दिखा। सीएम ने बेटे का फर्ज निभाते हुए स्थानीय सामाजिक परंपराओं और संथाली रीति-रिवाजों के अनुसार हर विधि-विधान को पूरा किया। दशकर्म की पूजा और अनुष्ठान के दौरान सोरेन परिवार के सभी सदस्य एक साथ मौजूद रहे। सीएम हेमंत सोरेन ने पुरखों और परंपराओं को याद करते हुए गांव के बुजुर्गों और पाहन के बताए नियमों के अनुसार कर्मकांड किए। इस दौरान उन्होंने अपनी मां के साथ बिताए पलों को याद किया और नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी विधि में उनका पूरा साथ दिया।

गांव के लोगों का कहना है कि इतने बड़े पद पर रहने के बाद भी मुख्यमंत्री अपनी जड़ों और पारिवारिक संस्कारों को कभी नहीं भूलते। नेमरा गांव के लोगों के लिए रूपी सोरेन केवल मुख्यमंत्री की मां नहीं, बल्कि पूरे गांव की अभिभावक जैसी थीं। यही वजह रही कि पूरे इलाके से लोग बिना किसी बुलावे के खुद ही सोरेन परिवार के दुख में शामिल होने पहुंचे। संस्कार के बाद मुख्यमंत्री ने वहां आए सभी ग्रामीणों और सगे-संबंधियों से मुलाकात की और उनका ढांढस बंधाने के लिए आभार जताया। मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, लेकिन पारिवारिक और पारंपरिक रस्मों को देखते हुए माहौल को पूरी तरह घरेलू और शांत रखा गया।


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