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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : कभी ट्रांसपोर्ट नगर की आटा चक्की पर सुबह से शाम तक गूंजती मशीनों की आवाज अब खामोश है। जिस जगह दानी यादव अपने परिवार के सपनों को पसीने से सींच रहे थे, वहीं नौ महीने पहले उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। साढ़े चार लाख रुपये की लालच में एक मेहनतकश इंसान की जान ले ली गई और पीछे छूट गया एक रोता-बिलखता परिवार। अब इस सनसनीखेज हत्याकांड में कुजू ओपी पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है।
“बस कुछ ही देर में घर आ जाऊंगा…”
बताया जाता है कि घटना वाले दिन दानी यादव गेहूं खरीद के लिए पैसे लेकर आटा चक्की पहुंचे थे। घर से निकलते वक्त उन्होंने परिजनों से कहा था… “बस काम निपटा कर आता हूं।”
लेकिन वह वापसी कभी नहीं हुई।
पुलिस जांच में सामने आया कि पैसों की भनक लगते ही आरोपियों ने उन्हें निशाना बनाया। पहले गोली चलाई गई, फिर मुंह दबाकर उनकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद साढ़े चार लाख रुपये लेकर आरोपी फरार हो गए। एक पल में मेहनत की कमाई खून से रंग गई।
पहले फायरिंग, फिर खुला राज
रामगढ़ के एसपी अजय कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि 5 जनवरी को नयामोड़ इलाके में एक अन्य फायरिंग मामले में नकुल कुमार चौहान उर्फ बिजली को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान उसने दानी यादव हत्याकांड का चौंकाने वाला खुलासा किया।
उसने बताया कि इस वारदात में उसके साथ अभिषेक पासवान भी शामिल था। दोनों ने मिलकर छिनतई की योजना बनाई थी, जो हत्या में बदल गई।
नौ महीने की बेचैनी, फिर मिली राहत
दानी यादव के परिवार के लिए ये नौ महीने किसी सजा से कम नहीं थे। हर दिन यही सवाल… “किसने मारा? क्यों मारा?” एसपी अजय कुमार के निर्देश एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी गठित की। कुजू ओपी प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह समेत पूरी टीम लगातार छापेमारी करती रही।
शनिवार की भोरे-भोर ट्रांसपोर्ट नगर, कोषमांडू (कुजू) में छापा मारकर अभिषेक पासवान को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल एक देशी पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
लालच ने छीनी जिंदगी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। लेकिन इस बार उसकी लालच ने एक परिवार का सहारा छीन लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दानी यादव बेहद मिलनसार और मेहनती व्यक्ति थे। वे बिहार से आकर यहां अपना व्यवसाय चला रहे थे। उनके जाने के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक दोनों संकटों से गुजर रहा है।
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