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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ की साइबर क्राइम थाना की पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी मो. अरफाक उर्फ मो. सलमान उर्फ काला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का आरोप है कि वह महिलाओं के नाम पर बैंक खाते खुलवाने और उनके नाम से सिम कार्ड लेने के बाद इनका इस्तेमाल साइबर अपराध में करता था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड और तीन अलग-अलग लोगों के नाम के एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने सभी सामान को जब्त कर लिया है। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पहले पकड़े जा चुके हैं दो आरोपी
पुलिस के अनुसार साइबर अपराध थाना कांड संख्या 03/26 इसी साल के 20 जनवरी को दर्ज किया गया था। मामले में सूचना मिली थी कि कुछ लोग महिलाओं के नाम पर बैंक खाते और सिम कार्ड हासिल कर उनका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इन खातों और सिम के जरिए साइबर अपराध किए जाने का आरोप है। मामले में आईटी एक्ट की धारा 66(C), 66(D) और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने अबु तालिब और सरफराज उर्फ सोनू को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इनके पास से दो बैंक पासबुक और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को इस मामले में मो. अरफाक उर्फ मो. सलमान उर्फ काला की भूमिका के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। वह लगातार पुलिस से बचने के लिए अपना ठिकाना बदल रहा था।
गुप्त सूचना पर नईसराय से दबोचा, तीन एटीएम कार्ड मिले
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मुकेश लुनायत के निर्देश पर विशेष जांच दल का गठन किया गया था। डीएसपी मुख्यालय सह साइबर अपराध थाना प्रभारी अकरम रजा के नेतृत्व में टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी नईसराय बस्ती के राजा भट्टा के पास मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 18 जुलाई को छापेमारी की और 24 वर्षीय मो. अरफाक को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन मिला। पुलिस के अनुसार मोबाइल में फर्जी सिम कार्ड लगा हुआ था। इसके अलावा अलग-अलग व्यक्तियों के नाम से जारी तीन एटीएम कार्ड भी बरामद किए गए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन एटीएम कार्ड और सिम का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था।
पुलिस मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच भी कर रही है। इससे आरोपी के संपर्क में रहे लोगों और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि महिलाओं के नाम पर बैंक खाते और सिम कार्ड किसके कहने पर लिए जाते थे और इनका इस्तेमाल कहां किया जाता था।
कार्रवाई में डीएसपी मुख्यालय सह साइबर अपराध थाना प्रभारी अकरम रजा, इंस्पेक्टर दिगम्बर पांडेय, इंस्पेक्टर विकास आर्यन, एसआई रंजीत कुमार यादव, सिपाही जितेन्द्र कुमार पासवान, मो. तौफिक और तकनीकी शाखा रामगढ़ के पुलिस पदाधिकारी व जवान शामिल थे।
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