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Pakur (Jaydev Kumar) : जिला मुख्यालय के सिंधीपाड़ा इलाके में सिंधी पंचायत धर्मशाला की जमीन को लेकर पुराना विवाद एक बार फिर सामने आ गया है। दो पक्षों के आमने सामने आ जाने से इलाके में तनाव बढ़ गया है और लोग पूरे मामले को लेकर लगातार चर्चा कर रहे हैं।
अवैध कब्जे का आरोप, 7 लोगों समेत 20 अज्ञात पर केस
जानकारी के अनुसार, सिंधी समाज के कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि धर्मशाला और पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश हुई है। इस शिकायत पर ओमप्रकाश जुमरानी ने नगर थाना में लिखित आवेदन दिया। इसमें आनंद कुमार मध्यान, रंजीत कुमार चैबे, गिरीधारी लाल गंगवानी, उदय कुमार लखमानी, निरंजन मिश्रा, विभाष मिश्रा समेत 20 अज्ञात लोगों को आरोपित किया गया है। पुलिस ने इस पर कांड संख्या 305/25 दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जुमरानी का कहना है कि जब उन्होंने जमीन की घेराबंदी रोकने और पूछताछ करने की कोशिश की, तो उनके साथ हमला किया गया।
पंचायत का जवाब, आरोप बेबुनियाद बताया
दूसरी तरफ, सिंधी पंचायत के पूर्व मुखिया उदय कुमार लखमानी ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उनका कहना है कि वर्षों पहले सेठ हृदुमल ने पंचायत को धर्मशाला और शिक्षा संबंधी उपयोग के लिए जमीन दी थी। उनके वारिश अजय कुमार ने भी 35 कट्ठा जमीन पंचायत को दी, जिसमें स्कूल, धर्मशाला और खाली पड़ी जमीन शामिल है। पंचायत कई वर्षों से इस भूमि का उपयोग करती आ रही है। लखमानी के मुताबिक, बची हुई जमीन की दाखिल खारिज के लिए आवेदन दिया गया था और अंचलाधिकारी के निर्देश पर अमीन मापी कर रहा था। इसी दौरान जुमरानी ने गलत आधार पर एफआईआर करा दी।
प्रशासन की सख्ती, विवादित जमीन पर रोक
मामला बढ़ता देख प्रशासन हरकत में आया और जांच शुरू कर दी। अंचलाधिकारी की रिपोर्ट के बाद अनुमंडल दंडाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी। एसडीओ साइमन मरांडी ने आदेश जारी कर कहा कि विवादित जमीन पर धार्मिक अनुष्ठान, शादी समारोह और स्कूल संचालन को छोड़ बाकी किसी तरह का निर्माण, मापी, सीमांकन या खरीद बिक्री नहीं की जाएगी।
नगर में चर्चा तेज, फैसले का इंतजार में लोग
धर्मशाला से जुड़ा यह विवाद अब पूरे नगर में चर्चा का विषय बन गया है। लोग प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर रखे हुए हैं।
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