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Patna : आरजेडी से अलग चल रहे तेज प्रताप यादव ने अब अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने छह छोटे दलों के साथ मिलकर एक नया मोर्चा ‘बिहार गठबंधन’ बनाने की घोषणा की। तेज प्रताप का कहना है कि यह गठबंधन बेरोजगारी, पलायन, बाढ़-सुखाड़ और ग्रामीण समस्याओं जैसे मुद्दों को अपना मुख्य चुनावी एजेंडा बनाएगा।
‘धरातल का नेता’ बनने की कोशिश
गठबंधन की घोषणा करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि वे खुद को धरातल का नेता मानते हैं और जनता की लड़ाई सड़क से विधानसभा तक लड़ेंगे। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि “कुछ लोग हेलीकॉप्टर से चुनाव प्रचार करते हैं, लेकिन मैं धरातल पर काम करूंगा।”
तेज प्रताप ने साफ कहा कि उनका गठबंधन खासकर बेरोजगार युवाओं की आवाज़ बनेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में हर दिन हजारों युवा रोजगार की तलाश में बाहर जा रहे हैं, जबकि राज्य लगातार बाढ़ और सुखाड़ की मार झेल रहा है।
अब तक छह दल जुड़े
इस गठबंधन में अब तक कुल छह दल शामिल हो चुके हैं। इनमें –
- विकासशील वंचित इंसान पार्टी
- भोजपुरिया जन मोर्चा
- प्रगतिशील जनता पार्टी
- वाजिब अधिकार पार्टी
- संयुक्त किसान विकास पार्टी
- राष्ट्रवादी जन लोक पार्टी (सत्य)
राष्ट्रवादी जन लोक पार्टी (सत्य) के अध्यक्ष सत्यपाल सिंह सिसोदिया ने तेज प्रताप यादव का साथ देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन बिहार की राजनीति को नई दिशा देगा।
महुआ से निर्दलीय चुनाव की तैयारी
तेज प्रताप यादव इस बार महुआ विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। हाल ही में उन्होंने अपने भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर भी कटाक्ष करते हुए संकेत दिया था कि अब वे अपनी अलग राजनीतिक राह पर बढ़ चुके हैं।
किन वोटरों पर नजर?
विशेषज्ञों के मुताबिक, तेज प्रताप का यह नया फ्रंट यादव, मुस्लिम, निषाद और पिछड़े वर्ग के वोट बैंक पर नजर रखेगा। हालांकि, यह गठबंधन बिहार के बड़े राजनीतिक समीकरणों पर कितना असर डाल पाएगा, यह आने वाला चुनाव ही तय करेगा।
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