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News Samvad : भारत में तिल का इस्तेमाल हजारों वर्षों से होता आ रहा है, लेकिन इसकी हड्डियों के लिए अविश्वसनीय उपयोगिता के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तिल में मौजूद कैल्शियम, दूध की तुलना में 6 गुना अधिक होता है। यही वजह है कि इसे “बोन बिल्डर सीड” भी कहा जाता है।
एक चम्मच तिल में पोषण का खजाना
एक रिपोर्ट के अनुसार, मात्र 1 चम्मच तिल में 88mg कैल्शियम, 31.59mg मैग्नीशियम, 1.31mg आयरन, 1.6g प्रोटीन, 0.7mg जिंक और विटामिन B की अच्छी मात्रा मौजूद होती है। यह पोषक तत्व हड्डियों, त्वचा और शरीर की कई महत्वपूर्ण क्रियाओं के लिए आवश्यक हैं।
हड्डियों को कैसे फायदा पहुंचाता है तिल?
1. हड्डियों की मजबूती और घनत्व बढ़ाता है
तिल में मौजूद खनिज हड्डियों के घनत्व को सुधारते हैं और उपास्थि (cartilage) की मरम्मत में मदद करते हैं।
2. जोड़ों की सूजन कम करता है
तिल में पाए जाने वाले कॉपर और विटामिन B6 जोड़ों की सूजन कम करते हैं और एनर्जी मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करते हैं।
3. कोलेजन को नेचुरली बढ़ाता है
तिल के एमिनो एसिड कोलेजन उत्पादन को बढ़ाते हैं, जो त्वचा, जोड़ों और हड्डियों को मजबूत बनाता है।
4. एंटीऑक्सीडेंट का पावरहाउस
तिल में सेसमिन और सेसामोल जैसे एंटीऑक्सीडेंट हड्डियों को उम्र के असर और ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाते हैं।
तिल खाने का सही तरीका
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना 1–2 चम्मच तिल पर्याप्त है। इसे भूनकर, या रातभर भिगोकर सुबह सेवन किया जा सकता है। सुबह और शाम के समय तिल खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
किन लोगों को तिल से परहेज करना चाहिए?
किडनी स्टोन की हिस्ट्री वाले
गठिया के मरीज
तिल से एलर्जी वाले लोग
इन लोगों के लिए तिल का सेवन नुकसानदायक साबित हो सकता है।
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