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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : बाजार की भीड़, ऑटो की सवारी या दफ्तर की आपाधापी में जेब से मोबाइल का फिसल जाना सिर्फ एक गैजेट का खोना नहीं होता। उसमें कैद पारिवारिक तस्वीरें, जरूरी फोन नंबर, यूपीआई ऐप्स और निजी यादें भी एक झटके में आंखों से ओझल हो जाती हैं। आम तौर पर लोग मान लेते हैं कि एक बार फोन गुम हुआ तो वह कभी वापस नहीं मिलने वाला। रामगढ़ पुलिस की विशेष पहल ‘ऑपरेशन भरोसा’ ने इसी निराशा को उम्मीद में बदला है। पुलिस ने हाल ही में अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 56 गुमशुदा मोबाइल ढूंढ निकाले और सम्मानपूर्वक उनके असली मालिकों के हाथों में सौंप दिए। जब लोगों ने महीनों पहले खो चुका अपना फोन दोबारा देखा, तो कई लोगों की आंखें खुशी से भर आईं।
चार महीनों में 301 परिवारों के चेहरे खिले
रामगढ़ SP मुकेश कुमार लुनायत की देखरेख में चल रहे इस अभियान का यह चौथा चरण था। आंकड़े बताते हैं कि पुलिस की यह मुहिम महज औपचारिकता नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाला ठोस प्रयास है। पिछले चार महीनों के दौरान पुलिस ने कुल 301 फोन खोजकर लोगों तक पहुंचाए हैं। पहले चरण में 125, दूसरे में 59, तीसरे में 61 और इस बार चौथे चरण में 56 फोन बरामद हुए। जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जब लोगों को मंच पर बुलाकर उनके मोबाइल लौटाए गए, तो हर किसी की जुबान पर पुलिस के लिए धन्यवाद के शब्द थे।
थानों की चौकसी और तकनीकी तालमेल का नतीजा
यह सफलता किसी एक थाने की नहीं, बल्कि जिले भर की पुलिस टीम के साझा प्रयास का परिणाम है। इस चौथे चरण में रामगढ़ थाने ने सबसे आगे रहते हुए 10 फोन बरामद किए। मांडू थाने से 8, रजरप्पा से 6, पतरातू और पतरातू थर्मल ओपी से 5-5 फोन खोजे गए। इसके अलावा भुरकुंडा से 4, बरकाकाना, बासल, बरलंगा, कुज्जू और गोला से 3-3, जबकि भदानीनगर ओपी से 1 मोबाइल मिला। तकनीकी शाखा ने केंद्र सरकार के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों और थानों के सनहा का बारीक मिलान किया और लगातार लोकेशन ट्रैक करके इन फोनों तक अपनी पहुंच बनाई।
जागरूक रहें और पोर्टल का सही इस्तेमाल करें
कार्यक्रम के दौरान SP मुकेश लुनायत ने लोगों से बातचीत करते हुए एक जरूरी बात भी साझा की। उन्होंने कहा कि फोन खोने पर हताश होकर बैठ जाने के बजाय तुरंत सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इससे न सिर्फ फोन का गलत इस्तेमाल रुकता है, बल्कि पुलिस के लिए उसे ट्रैक करना भी बहुत आसान हो जाता है। उन्होंने मौजूद लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार और पड़ोसियों को भी इस प्रक्रिया के बारे में बताएं। पुलिस का कहना है कि यह अभियान सिर्फ फोन लौटाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह खाकी और आम जनता के बीच भरोसे का पुल मजबूत करने की एक संवेदनशील कोशिश है।
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