Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Monday, 2 November, 2026 • 04:58 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » भुना चना या अंकुरित चना? सेहत के लिए कौन है ज्यादा फायदेमंद… जानें
अन्य खबरें

भुना चना या अंकुरित चना? सेहत के लिए कौन है ज्यादा फायदेमंद… जानें

September 13, 2026No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
चना
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto

auto

News Samvad : अंकुरित चना तैयार करने के लिए सबसे पहले चने को पानी में कुछ घंटों के लिए भिगोया जाता है। इसके बाद इन्हें कुछ समय तक ऐसे ही रखा जाता है, जिससे इनमें छोटे-छोटे अंकुर निकल आते हैं। इस प्रक्रिया को अंकुरण कहा जाता है। अंकुरण के दौरान चने में मौजूद कुछ पोषक तत्व शरीर के लिए ज्यादा आसानी से उपलब्ध हो सकते हैं। अंकुरित चने में प्रोटीन और फाइबर के साथ आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे खनिज भी पाए जाते हैं। इन्हें सुबह नाश्ते में या सलाद के साथ खाया जा सकता है। कुछ लोगों के लिए अंकुरित चना सामान्य चने की तुलना में पचाना भी आसान हो सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति का पाचन तंत्र अलग होता है और कुछ लोगों को अंकुरित चना खाने के बाद भी गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है।

अंकुरित चना उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, जो अपने भोजन में ताजे और पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करना चाहते हैं। इसे प्याज, टमाटर, नींबू और थोड़े मसालों के साथ मिलाकर स्वादिष्ट सलाद की तरह भी खाया जा सकता है। हालांकि, अंकुरित खाद्य पदार्थों को साफ-सफाई और सुरक्षित तरीके से तैयार करना जरूरी है।

भुना चना क्यों है अच्छा स्नैक?

भुना चना उन लोगों के लिए काफी सुविधाजनक है, जिन्हें बिना किसी तैयारी के तुरंत खाने के लिए कुछ पौष्टिक चाहिए। इसे घर से बाहर जाते समय साथ रखा जा सकता है। ऑफिस में काम के दौरान हल्की भूख लगे तो भी भुना चना एक आसान विकल्प है। भुने चने में प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में होते हैं। फाइबर की वजह से पेट कुछ समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है और बार-बार कुछ खाने की इच्छा कम हो सकती है। इसी कारण वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश करने वाले लोग भी इसे स्नैक के तौर पर अपनी डाइट में शामिल करते हैं।

भुने चने की एक खास बात यह है कि इसे लंबे समय तक आसानी से रखा जा सकता है और खाने के लिए किसी खास तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, बाजार में मिलने वाले मसालेदार या ज्यादा नमक वाले भुने चने खरीदते समय सावधानी रखनी चाहिए। सादा या कम नमक वाला चना रोजाना खाने के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।

तो आखिर भुना चना खाएं या अंकुरित चना?

अगर सवाल यह है कि भुना चना और अंकुरित चना में से कौन ज्यादा फायदेमंद है, तो इसका सीधा जवाब आपकी जरूरत पर निर्भर करता है। अंकुरित चने में अंकुरण की प्रक्रिया के कारण कुछ पोषक तत्वों की उपलब्धता बेहतर हो सकती है। वहीं भुना चना आसानी से उपलब्ध होने वाला, लंबे समय तक रखा जा सकने वाला और तुरंत खाया जाने वाला पौष्टिक स्नैक है। अगर आप सुबह नाश्ते में कुछ पौष्टिक और ताजा खाना चाहते हैं, तो अंकुरित चना अच्छा विकल्प हो सकता है। वहीं ऑफिस, यात्रा या काम के बीच लगने वाली हल्की भूख के लिए भुना चना सुविधाजनक है। दोनों को संतुलित मात्रा में डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।

हालांकि, चना खाने के बाद अगर आपको लगातार गैस, पेट फूलने या पाचन संबंधी परेशानी होती है, तो इसकी मात्रा कम करना बेहतर है। किसी भी खाद्य पदार्थ की तरह चना भी जरूरत से ज्यादा खाने पर परेशानी पैदा कर सकता है। जिन लोगों को मधुमेह, किडनी से जुड़ी बीमारी या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, उन्हें अपनी डाइट में चना शामिल करने से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

कुल मिलाकर देखा जाए तो महंगे सुपरफूड्स के पीछे भागने के बजाय रोजमर्रा के भोजन में मौजूद पौष्टिक चीजों को सही तरीके से शामिल करना ज्यादा जरूरी है। भुना चना और अंकुरित चना दोनों ही कम खर्च में प्रोटीन और फाइबर देने वाले अच्छे विकल्प हैं। बस यह ध्यान रखना जरूरी है कि इन्हें कितनी मात्रा में और किस तरीके से खाया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें : सुरसंड मुखिया संघ अध्यक्ष से मांगी रंगदारी, पुलिस ने तीन को दबोचा

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleग्राउंड जीरो पर उद्योग सचिव, IMC गया के निर्माण कार्यों में ढिलाई पर लगाई क्लास
Next Article सीएम सम्राट का बड़ा ऐलान- बिहार के 100 प्रोफेसर जाएंगे ऑक्सफोर्ड, लेंगे ट्रेनिंग

Related Posts

बिजनेस

नीता अंबानी ने रखी ‘अनंत आश्रय’ की नींव, यहां हर चेहरे पर खिलेगा आत्मसम्मान

November 2, 2026
झारखंड

झारखंड फुटबॉल को मिला नया नेतृत्व, निर्विरोध अध्यक्ष बने सांसद प्रदीप वर्मा

November 2, 2026
झारखंड

तालाब-बीहड़ों में खोजी विज्ञान की नई राह, अब पूरे देश ने किया झारखंड के लाल को सलाम

November 2, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

नीता अंबानी ने रखी ‘अनंत आश्रय’ की नींव, यहां हर चेहरे पर खिलेगा आत्मसम्मान

November 2, 2026

झारखंड फुटबॉल को मिला नया नेतृत्व, निर्विरोध अध्यक्ष बने सांसद प्रदीप वर्मा

November 2, 2026

तालाब-बीहड़ों में खोजी विज्ञान की नई राह, अब पूरे देश ने किया झारखंड के लाल को सलाम

November 2, 2026

CCL से जुड़े अपहृत मैनेजर को चंद घंटों में खोज निकाली पुलिस, दबोचे गए 5 बदमाश

November 2, 2026

राशिफल @ 02 नवंबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

November 2, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.