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News Samvad : आपने कई लोगों को त्वचा पर सफेद दाग के साथ देखा होगा। हमारे समाज में आज भी इस समस्या को लेकर तरह-तरह की बातें कही जाती हैं। कुछ लोग इसे छूने से फैलने वाली बीमारी मानते हैं तो कुछ इसे फंगल इंफेक्शन समझ लेते हैं। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह सोच पूरी तरह गलत है। त्वचा पर सफेद दाग की इस समस्या को मेडिकल भाषा में विटिलिगो कहा जाता है। यह कोई संक्रामक बीमारी नहीं है और न ही किसी व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलती है। इसके बावजूद इस बीमारी से जुड़े कई भ्रम आज भी लोगों के मन में बने हुए हैं।
क्या है विटिलिगो?
विटिलिगो एक त्वचा संबंधी बीमारी है, जिसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता गलती से अपनी ही कोशिकाओं पर हमला करने लगती है। इसे ऑटोइम्यून विकार माना जाता है। इस स्थिति में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मेलानोसाइट्स नाम की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। यही कोशिकाएं मेलेनिन बनाती हैं, जो हमारी त्वचा, बालों और आंखों को रंग देने का काम करता है। जब ये कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं, तब त्वचा के कुछ हिस्सों में सफेद धब्बे दिखाई देने लगते हैं।
किन कारणों से हो सकती है यह समस्या?
विशेषज्ञों का कहना है कि विटिलिगो की सटीक वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि कई शोधों में इसे ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया से जुड़ी समस्या माना गया है। इसके अलावा आनुवंशिक कारण, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, त्वचा पर गंभीर चोट, कुछ रसायनों के संपर्क और अन्य जैविक कारक भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकते हैं। आंकड़ों के अनुसार करीब 20 से 30 प्रतिशत मरीजों के परिवार में पहले से किसी सदस्य को यह बीमारी रही होती है।
किन लोगों में ज्यादा रहता है खतरा?
कुछ लोगों में इस बीमारी का जोखिम सामान्य से अधिक देखा गया है। खासकर उन लोगों में जो पहले से किसी ऑटोइम्यून बीमारी से जूझ रहे हैं। थायरॉयड की समस्या, टाइप-1 डायबिटीज और एलोपेसिया एरियाटा जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों में विटिलिगो होने की संभावना अधिक हो सकती है। हालांकि कई मामलों में मरीजों में कोई स्पष्ट जोखिम कारक नहीं मिलता।
ऐसे दिखते हैं शुरुआती लक्षण
विटिलिगो की शुरुआत अक्सर छोटे सफेद धब्बों से होती है। ये धब्बे हाथों, चेहरे, होंठों के आसपास, आंखों के पास, पैरों, उंगलियों, कोहनी या घुटनों पर दिखाई दे सकते हैं। समय के साथ ये धब्बे बड़े होने लगते हैं और कई बार आपस में मिलकर बड़े पैच का रूप ले लेते हैं। कुछ लोगों में सिर के बाल, दाढ़ी या भौंहों के बाल भी सफेद होने लगते हैं।
क्या छूने से फैलता है सफेद दाग?
डॉक्टर साफ तौर पर कहते हैं कि विटिलिगो पूरी तरह गैर-संक्रामक बीमारी है। यह हाथ मिलाने, साथ बैठने, साथ खाना खाने, कपड़े साझा करने, खून या हवा के जरिए नहीं फैलती।इसके बावजूद सामाजिक भ्रांतियों के कारण कई बार मरीजों को भेदभाव और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञ लोगों से इस बीमारी को लेकर जागरूक होने की अपील करते हैं।
इलाज संभव है, समय पर कराएं जांच
विटिलिगो का इलाज उपलब्ध है और कई मामलों में अच्छे परिणाम भी मिलते हैं। इसके लिए दवाइयों, टॉपिकल क्रीम और फोटोथेरेपी जैसी चिकित्सा पद्धतियों का इस्तेमाल किया जाता है।यदि शरीर पर बिना दर्द वाले सफेद धब्बे तेजी से बढ़ रहे हों, चेहरे या हाथों पर नए पैच बनने लगें या बाल सफेद होने लगें तो तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। समय पर इलाज शुरू होने से स्थिति को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।
नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार की गई है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
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