अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ayodhya : रामनगरी अयोध्या एक बार फिर दीपों की रोशनी से जगमगाने के लिए तैयार है। सरयू नदी के तट से लेकर श्रीराम जन्मभूमि परिसर तक हर तरफ उत्सव की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। मंदिरों की नगरी को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। बृहस्पतिवार से अयोध्या में पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत होगी। इस दौरान श्रद्धालुओं को भक्ति, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
दीपोत्सव का मुख्य आयोजन 7 नवंबर को होगा। इस दिन राम की पैड़ी के 56 घाटों पर 30 लाख दीप जलाए जाएंगे। एक साथ लाखों दीपों के प्रज्ज्वलित होने से सरयू का तट रोशनी से नहा उठेगा। इस बार दीपोत्सव को खास बनाने के लिए पांच देशों की रामलीला मंडलियों को भी आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा भव्य शोभायात्रा, लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग, ड्रोन शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
56 घाटों पर सजेगी 30 लाख दीपों की रोशनी, जन्मभूमि परिसर में भी जलेंगे एक लाख दीप
दीपोत्सव को यादगार बनाने के लिए राम की पैड़ी के 56 घाटों पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। घाटों पर दीप पहुंच चुके हैं और उन्हें व्यवस्थित तरीके से सजाने का काम शुरू किया जा रहा है। बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और कर्मचारी इस काम में जुटे हैं। सात नवंबर को जब सभी घाटों पर एक साथ दीप प्रज्ज्वलित होंगे तो पूरा सरयू तट जगमगा उठेगा।
श्रीराम जन्मभूमि परिसर में भी दीपोत्सव की खास तैयारी की गई है। यहां पांच अलग-अलग जोन में करीब एक लाख दीप जलाए जाएंगे। मंदिर परिसर के विभिन्न मंदिरों और प्रमुख स्थानों को भी आकर्षक रोशनी से सजाया जा रहा है। इसके साथ ही रामकथा पार्क और दूसरे आयोजन स्थलों पर मंच, दर्शक दीर्घा और रोशनी की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार से ही लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो जाएगी। पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में श्रद्धालुओं को अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए रामायण और भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंग देखने को मिलेंगे।
पांच देशों की रामलीला, 22 झांकियां और 2100 ड्रोन से सजेगा आसमान
इस बार अयोध्या का दीपोत्सव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान दिखाएगा। पांच देशों की रामलीला मंडलियां भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन करेंगी। इन प्रस्तुतियों में अलग-अलग देशों की संस्कृति और रामकथा के अनूठे स्वरूप देखने को मिलेंगे। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार लोकनृत्य, संगीत और पारंपरिक वेशभूषा के जरिए भारतीय संस्कृति की झलक पेश करेंगे।
दीपोत्सव के दौरान रामायण के सातों कांडों पर आधारित भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें 22 आकर्षक झांकियां शामिल होंगी। वहीं 2100 स्वदेशी ड्रोन की मदद से आसमान में विशेष शो आयोजित किया जाएगा। इसके जरिए आकाश में रामकथा से जुड़े दृश्य दिखाए जाएंगे। आयोजन के दौरान 30 प्रोजेक्शन और लेजर शो भी होंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 12 मंच तैयार किए जा रहे हैं। इन मंचों पर करीब 2500 कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। सरयू तट पर 2147 श्रद्धालु एक साथ महाआरती करेंगे। इसके अलावा पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए हरित आतिशबाजी का आयोजन भी किया जाएगा।
35 हजार स्वयंसेवक संभालेंगे व्यवस्था, 13 थीमेटिक गेट और 20 सेल्फी प्वाइंट भी बनेंगे आकर्षण
पांच दिवसीय दीपोत्सव में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में आयोजन को सफल बनाने के लिए करीब 35 हजार स्वयंसेवकों की भागीदारी रहेगी। ये स्वयंसेवक दीप सजाने से लेकर विभिन्न आयोजन स्थलों पर व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे। इस बार दीपोत्सव में डिजिटल माध्यम से भी लोगों को जोड़ा जा रहा है। इसके लिए रील और पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। अयोध्या में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए 13 थीमेटिक प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। इसके साथ ही 20 सेल्फी प्वाइंट भी तैयार किए जा रहे हैं, जहां लोग दीपोत्सव की यादों को तस्वीरों में सहेज सकेंगे।
कुल मिलाकर इस बार अयोध्या का दीपोत्सव सिर्फ दीप जलाने तक सीमित नहीं रहेगा। रामकथा, देश-विदेश की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, शोभायात्रा और आधुनिक तकनीक के जरिए रामनगरी पांच दिनों तक उत्सव के रंग में डूबी रहेगी।
इसे भी पढ़ें : CM हेमंत का बड़ा फैसला- बच्चे अपनी जुबान में सीखेंगे ककहरा, अंग्रेजी भी बोलेंगे फर्राटेदार



