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Lucknow : फैजुल्लागंज और गोमती किनारे के निचले इलाकों में हर साल बारिश के दौरान घुटनों तक भरने वाले पानी से परेशान हजारों परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस बार अतिवृष्टि के कारण बने बाढ़ जैसे हालात भविष्य में दोबारा न बनें, इसके लिए सीएम योगी आदित्यनाथ और लखनऊ के सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक साझा बैठक में बड़े फैसले लिए हैं। तय किया गया है कि आईआईएम रोड से लेकर पक्का पुल (हार्डिंग ब्रिज) तक गोमती नदी के बाएं तट पर करीब 5.5 किलोमीटर लंबा पक्का तटबंध बनाया जाएगा। इसके साथ ही जब नदी का जलस्तर बढ़ जाता है और नालों से पानी निकलना बंद हो जाता है, उस स्थिति से निपटने के लिए इलाके में 12 नए आधुनिक पंपिंग स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे।
नदी से चार मीटर नीचे बसा है फैजुल्लागंज, न्याय विहार से एल्डिको तक बनेगा नया ड्रेनेज
बैठक में सामने आया कि फैजुल्लागंज का जमीनी स्तर गोमती नदी के सामान्य जलस्तर से करीब चार मीटर नीचे है। यही वजह है कि नदी का जलस्तर 108.60 मीटर तक पहुंचते ही 8.05 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के 21 मोहल्लों में पानी भर गया और 6,500 परिवारों की 38 हजार से ज्यादा आबादी चपेट में आ गई। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ के लोगों को इस मुसीबत से हमेशा के लिए निजात दिलाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने खदरा होते हुए पक्का पुल तक बंधा निर्माण का काम तुरंत शुरू कराने के साथ ही न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक मजबूत जल निकासी नेटवर्क तैयार करने पर जोर दिया। वहीं सीएम ने निर्देश दिए कि तटबंध, नालों और पंपिंग स्टेशनों का खाका इस तरह तैयार हो कि मूसलाधार बारिश में भी बस्तियों के भीतर पानी जमा न हो पाए। सीएम ने गोमती की गाद निकालने के लिए ड्रेजिंग का काम भी तेज करने को कहा।

फैजुल्लागंज में खुलेगा 12वीं तक का नया स्कूल, सभी पीएचसी बनेंगी सीएचसी
जलभराव के स्थायी समाधान के साथ-साथ सरकार ने फैजुल्लागंज क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को भी पूरी तरह बदलने का फैसला किया है। सीएम ने घोषणा की कि बच्चों की बेहतर पढ़ाई के लिए इलाके में प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक का एक नया समन्वित शैक्षणिक संस्थान खोला जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनाया जाएगा। इलाके में लो वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या खत्म करने के लिए पुराने 33 केवीए सब-स्टेशन की जगह 132 केवीए का नया बिजली सब-स्टेशन लगाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में मौजूद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, विधायक डॉ. नीरज बोरा और महापौर सुषमा खर्कवाल ने सीवर नेटवर्क, एसटीपी, ट्रांसफॉर्मर सुधार और सड़कों की तुरंत मरम्मत की जरूरत उठाई, जिस पर सीएम ने समयसीमा तय कर काम पूरा करने के आदेश दिए।
38 हजार लोगों तक पहुंची राहत, ड्रोन से छिड़काव और 106 नावों से हुआ रेस्क्यू
समीक्षा बैठक में हाल ही में चलाए गए राहत कार्यों का ब्योरा भी रखा गया। प्रशासन ने बताया कि राहत के लिए 16 चौकियां और 8 आश्रय स्थल बनाए गए थे। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमों ने 106 नावों, 40 मोटरबोट और 19 स्टीमर के जरिए लोगों को सुरक्षित निकाला। प्रभावित परिवारों के बीच 11 हजार से ज्यादा राशन किट, 67 हजार से अधिक खाने के पैकेट और करीब 1.18 लाख लीटर पीने का पानी बांटा गया। बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए 46 मेडिकल टीमों ने घर-घर जाकर 8,500 से अधिक मरीजों का इलाज किया। इसके अलावा संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए 11 ड्रोन, 172 बैकपैक मशीनों और ट्रैक्टरों से एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। इलाके में 75 पानी के टैंकर, 36 मोबाइल टॉयलेट और 135 मोबाइल चार्जिंग पॉइंट चालू रखे गए हैं, जबकि टोल फ्री नंबर 1077 पर 24 घंटे शिकायतों का निपटारा किया जा रहा है।
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