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Patna : बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। बिहार पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत 6.86 लाख लोगों को सार्वजनिक शांति भंग करने की आशंका में नोटिस जारी किया है। इसके अलावा करीब 1.5 लाख लोगों से बंध पत्र (बॉन्ड) भरवाया गया है।
जिलाबदर की कार्रवाई भी जारी
क्राइम कंट्रोल एक्ट (CCA) के तहत अब तक 1,662 लोगों के जिले में प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव जिलाधिकारियों को मिला है। इनमें से 339 लोगों के खिलाफ आदेश पारित किए जा चुके हैं। आठ असामाजिक तत्वों को जिलाबदर भी किया गया है, जिनमें नवादा के 3, शेखपुरा और भागलपुर के 2-2 तथा बेगूसराय का 1 अपराधी शामिल है।
छह महीने में 55 हजार से ज्यादा गिरफ्तार
इस साल जनवरी से जून के बीच राज्य में करीब 55,000 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 3905 हत्या, 725 डकैती, 1451 लूट, और 2609 एससी-एसटी, दुष्कर्म व अपहरण जैसे गंभीर मामलों के आरोपी शामिल हैं।
कोर्ट ने सुनाई 64 हजार से ज्यादा को सजा
इसी अवधि में बिहार के अलग-अलग अदालतों ने 46616 मामलों में 64098 अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। इनमें 3 को फांसी, 601 को आजीवन कारावास, और 307 को 10 साल से ज्यादा की सजा दी गई है। फांसी पाने वालों में एक मामला मधुबनी और दूसरा कटिहार जिले से जुड़ा है।
वारंट और कुर्की के मामलों का भी तेजी से निष्पादन
पुलिस ने जुर्माना और वारंट से जुड़े हजारों मामलों को निपटाया है:
- जुर्माने के 2,34,366 मामले
- जमानतीय वारंट – 1,71,561
- अजमानतीय वारंट – 1,89,932
- स्थायी वारंट – 2,605
- इश्तेहार – 42,009
- कुर्की – 22,309
एडीजी ने कहा चुनाव से पहले सख्त निगरानी
एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने बताया कि चुनावी साल में अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर नोटिस भेजे जा रहे हैं और बंध पत्र भरवाए जा रहे हैं। साथ ही जिलाबदर जैसी कार्रवाई भी तेज कर दी गई है।

