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News Samvad : अधिकतर लोग हर साल इनकम टैक्स रिटर्न भरते हैं और टैक्स बचाने के लिए निवेश विकल्प खोजते हैं। लेकिन आयकर कानून के तहत कुछ ऐसी इनकम और निवेश भी हैं, जिन पर बिल्कुल भी टैक्स नहीं देना पड़ता। अगर इन्हें समझदारी से इस्तेमाल किया जाए तो न केवल टैक्स बचाया जा सकता है बल्कि फाइनेंशियल प्लानिंग भी आसान हो जाती है।
टैक्स फ्री इनकम और निवेश
कृषि आय
खेती-किसानी, बागवानी और जमीन से होने वाली आमदनी पूरी तरह टैक्स फ्री है।बीमा की मैच्योरिटी रकम
LIC या अन्य बीमा पॉलिसी मैच्योर होने पर मिलने वाली रकम टैक्स फ्री होती है, बशर्ते पॉलिसी का प्रीमियम बीमा राशि के 10% से ज्यादा न हो।PPF की मैच्योरिटी और ब्याज
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी तीनों टैक्स फ्री रहते हैं।स्कॉलरशिप और सरकारी पुरस्कार
पढ़ाई के लिए मिलने वाली स्कॉलरशिप और भारत रत्न, पद्मश्री जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार टैक्स फ्री हैं।रिश्तेदारों और शादी के गिफ्ट
करीबी रिश्तेदारों से मिला गिफ्ट टैक्स फ्री होता है। शादी के मौके पर मिले गिफ्ट भी टैक्स फ्री माने जाते हैं।HUF से मिला पैसा
हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) की ओर से सदस्य को दिया गया पैसा टैक्स फ्री होता है।रिटायरमेंट बेनिफिट्स
सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट और कम्यूटेड पेंशन टैक्स फ्री होती है। प्राइवेट सेक्टर में ग्रेच्युटी पर 20 लाख और लीव एनकैशमेंट पर 3 लाख तक छूट है।ऑफिस से मिलने वाले अलाउंस
मेडिकल इंश्योरेंस, फूड कूपन, मोबाइल-इंटरनेट बिल और ट्रैवल अलाउंस जैसी सुविधाओं पर भी टैक्स छूट मिलती है।EPF, NPS और SCSS की मैच्योरिटी
EPF की रकम 5 साल बाद टैक्स फ्री होती है। NPS की 60% तक मैच्योर राशि टैक्स फ्री रहती है। SCSS में ब्याज पर टैक्स लगता है लेकिन सीनियर सिटिजन को 50 हजार तक की छूट मिलती है।VRS की रकम
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) में मिलने वाली 5 लाख रुपए तक की राशि टैक्स फ्री होती है।
अन्य टैक्स फ्री आय
बचत खाते पर सालाना 10,000 रुपए तक ब्याज टैक्स फ्री।
सीनियर सिटिजन को 50,000 रुपए तक छूट।
सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज और मैच्योरिटी पूरी तरह टैक्स फ्री।
ELSS फंड में 3 साल बाद 1 लाख रुपए तक का कैपिटल गेन टैक्स फ्री।
जरूरी सलाह
भले ही यह आय टैक्स फ्री हो, लेकिन ITR भरते समय इसका जिक्र जरूर करें। इससे आपकी आय का स्रोत साफ रहेगा और भविष्य में टैक्स नोटिस जैसी दिक्कतों से बचा जा सकेगा।
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