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Bokaro : धधकिया गांव की रहने वाली शांता मुखर्जी की आंखों में आंसू थे, दिल में पीड़ा और मन में टूटी हुई उम्मीदें। शुक्रवार को जब वह बोकारो समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार पहुंचीं, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि वह अपने जीवन को खत्म करने जैसी सोच लेकर वहां आई हैं। लेकिन ठीक उसी समय, DC अजय नाथ झा ने एक प्रशासनिक अधिकारी से बढ़कर एक इंसान की तरह उनका हाथ थाम लिया और उन्हें याद दिलाया… “जीवन सबसे बड़ा उपहार है, हार मानना समाधान नहीं।”
कांपती आवाज में शांता बोली…
शांता मुखर्जी ने कांपती आवाज में बताया कि गांव के कुछ लोग उनके घर पर कब्ज़ा जमाने की कोशिश कर रहे हैं। आए दिन मारपीट, धमकी और बेघर करने की कोशिशों ने उन्हें इतना तोड़ दिया कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने तक सोच बैठीं। लेकिन जनता दरबार के खुले मंच पर उनकी यह बात सुनते ही पूरा माहौल गंभीर हो गया।
DC ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शांता को भरोसा दिलाया कि वह अकेली नहीं हैं, पूरा प्रशासन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा,
“तुम्हारा जीवन अनमोल है। मुश्किलें आती हैं, लेकिन हर अंधेरे के बाद उजाला जरूर होता है। अब तुम्हें मजबूत बनकर अपने परिवार और समाज के लिए आगे बढ़ना है।”
शांता या उनके परिवार को खरोंच भी आयी तो…
यह सुनकर शांता मुखर्जी की आंखों में उम्मीद की चमक लौटी। उन्होंने उपायुक्त से वादा किया कि अब वह कभी ऐसा कदम नहीं उठाएंगी। लेकिन मामला यहीं नहीं रुका। उपायुक्त ने ऑन स्पॉट संज्ञान लेते हुए SDPO बेरमो और BDO कसमार को तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया। आरोपितों को चेतावनी दी गई कि अगर शांता या उनके परिवार को खरोंच भी आयी तो प्रशासन सबसे कठोर कार्रवाई करेगा। साथ ही, अगले आदेश तक शांता अपने घर में ही रहेंगी और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस और प्रशासन की होगी।
“जीवन संघर्ष है, पर हर अंधेरे के बाद उजाला”
DC ने सभा में मौजूद सभी लोगों से कहा… “जीवन संघर्षों से भरा है, लेकिन हर अंधेरे के बाद उजाला जरूर आता है। आत्महत्या समाधान नहीं, साहस और धैर्य ही असली रास्ता है। प्रशासन हर नागरिक की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करेगा।”
DC ने सुनी 61 लोगों की फरियाद
यह घटना जनता दरबार के उन 61 मामलों में से थी, जिनकी सुनवाई DC ने की। कुछ मामलों का समाधान तुरंत किया गया और बाकी पर संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनता दरबार में भूमि अतिक्रमण, भूमि पर कब्जा, शिक्षा विभागराजस्व संबंधित विवाद, अनुमंडल कार्यालय चास/बेरमो, अंचल कार्यालय चास, बीएसएल, चास नगर निगम, जिला नियोजन कार्यालय,सामाजिक सुरक्षा आदि से संबंधित आवेदन आये हुए थे।
ये रहे मौजूद
मौके पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, डीपीएलआर मेनका, अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा पियुष, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह आदि मौजूद थे।
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