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Ranchi : झारखंड पुलिस महकमे में इन दिनों एक अजीब स्थिति बनी हुई है। राज्य में इंस्पेक्टर से DSP बन चुके 63 पुलिस अधिकारियों को अब तक नयी जिम्मेदारी नहीं मिल पायी। कंधे पर डीएसपी का स्टार जरूर लग चुका है, लेकिन दफ्तरों में आज भी इंस्पेक्टर की तरह ही काम कर रहे हैं। वेतन और सुविधाएं भी अभी तक इंस्पेक्टर स्तर की ही मिल रही हैं।
लिस्ट बनी चुकी, आदेश नहीं मिला
विभागीय सूत्र बताते हैं कि पोस्टिंग और ट्रांसफर की लिस्ट तैयार है, लेकिन ऊपर से ‘हरी झंडी’ का इंतजार है। आदेश मिलते ही प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। प्रोन्नति पाए इन 63 अधिकारियों के अलावा 39 नवनियुक्त DSP भी हैं, जिनका प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। यानी कुल 102 डीएसपी पोस्टिंग के इंतजार में हैं।
बड़े फेरबदल की संभावना
सूत्रों की मानें तो सिर्फ नए डीएसपी ही नहीं, बल्कि पहले से पद संभाल रहे अधिकारियों का भी ट्रांफर होगा। अनुमान है कि करीब 200 DSP स्तर के पदों पर फेरबदल होगा। इस सूची पर गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग और मंत्री की स्वीकृति का इंतजार है।
IPS अधिकारी भी वेटिंग में
दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ डीएसपी ही नहीं, बल्कि आईपीएस अधिकारी भी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। इनमें 1997 बैच की एडीजी सुमन गुप्ता, 2015 बैच के डॉ. एहतेशाम वकारिब, 2016 बैच के दीपक कुमार पांडेय और अनिमेष नैथानी, तथा 2018 बैच के मनोज स्वर्गियारी शामिल हैं। 27 मई से ही ये सभी पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हालांकि इन्हें वेतन मिल सके, इसके लिए विभाग ने कंपल्सरी वेट सर्टिफिकेट जारी किया है।
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