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Patna : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 71वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को लेकर एक अहम घोषणा की है। परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी, जिससे छात्रों में असमंजस और चिंता का माहौल बन गया था।
अब आयोग ने साफ कर दिया है कि बायोमेट्रिक प्रक्रिया सिर्फ एक अतिरिक्त तकनीकी सुविधा थी, और इसके न होने से किसी भी अभ्यर्थी की उपस्थिति अमान्य नहीं होगी।
आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि सभी परीक्षार्थियों की भौतिक उपस्थिति पहले से ही प्रवेश पत्र पर दर्ज कर ली गई थी, जो कि उनकी परीक्षा में भागीदारी की पुष्टि के लिए पर्याप्त है।
क्या कहा BPSC ने?
बायोमेट्रिक प्रक्रिया केवल परीक्षा को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक कदम था।
तकनीकी कारणों से कुछ केंद्रों पर यह प्रक्रिया सफल नहीं हो सकी।
इससे छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है।
बायोमेट्रिक दर्ज न होने का कोई असर परीक्षा परिणाम या आगे की प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा।
परीक्षार्थियों को राहत
कई अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर अपनी शंकाएं जताई थीं कि उनका बायोमेट्रिक नहीं हुआ, जिससे उन्हें डर था कि उनका परिणाम रद्द हो सकता है। लेकिन अब आयोग की ओर से आई स्पष्ट सूचना ने इस डर को दूर कर दिया है।
आगे क्या?
BPSC ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में बायोमेट्रिक प्रणाली को और बेहतर ढंग से लागू किया जाएगा। फिलहाल परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह वैध और पारदर्शी मानी जा रही है।

