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News Samvad : इलायची एक महंगी और खास मसाला है, जिसे आप घर पर भी उगा सकते हैं। इसके लिए रसोई में पड़ी हरी और साबुत इलायची सबसे अच्छी होती है। ध्यान रखें कि इलायची पुरानी, प्रोसेस्ड या सूखी न हो, वरना अंकुरण संभव नहीं होगा। फली को हल्का तोड़कर उसके अंदर का काला बीज निकाल लें।
1. बीज की तैयारी
बीजों को अंकुरित करने के लिए पहले 24 घंटे गुनगुने पानी में भिगो दें। चाहें तो टिश्यू पेपर मेथड भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसमें बीज गीले कपड़े या टिश्यू में रखकर 5–7 दिन में अंकुरण शुरू कर देंगे।
2. मिट्टी और गमले का चुनाव
इलायची नमी और उपजाऊ मिट्टी पसंद करती है। मिट्टी के लिए 50% बगीचे की मिट्टी, 30% गोबर की खाद या कम्पोस्ट, और 20% रेत या कोकोपीट मिलाएँ। 10–12 इंच का गमला या ग्रोबैग चुनें और नीचे पानी निकासी के लिए छेद जरूर रखें।
3. बीज लगाना और पानी देना
तैयार मिट्टी में बीज को 1–2 सेंटीमीटर गहराई पर बो दें। हल्की मिट्टी से ढककर पानी छिड़कें। ध्यान रखें कि मिट्टी हमेशा हल्की गीली रहे, लेकिन पानी जमा न हो।
4. पौधे की देखभाल
इलायची को आधी धूप–आधी छाँव वाली जगह पर रखें। गर्मियों में पत्तों पर पानी की हल्की स्प्रे करें। हर 20–25 दिन में गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट डालें ताकि पौधा स्वस्थ और हरा-भरा रहे।
5. बढ़ने और फल देने का समय
बीज से अंकुर निकलने में लगभग 20–30 दिन लगते हैं। पौधा बड़ा होकर 2–3 साल में फल देना शुरू करता है। घर के कोने, बालकनी या छत पर इसे आसानी से उगाया जा सकता है।
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