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Patna : बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस पटना के एक बड़े होटल में शुरू हो चुकी है। मंच पर कांग्रेस, राजद, वामदल, वीआईपी और आईआईपी के प्रमुख नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने कहा कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और बिहार में इस बार “बदलाव” लाने के लिए तैयार है। राजद नेता तेजस्वी यादव, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी, और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत सभी वरिष्ठ नेता प्रेस वार्ता में पहुंचे।
मुकेश सहनी बोले – अब भाजपा को तोड़ना ही लक्ष्य
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा, “हमलोग पिछले साढ़े तीन साल से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। जब तक भाजपा को तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं।” उन्होंने दावा किया कि इस बार बिहार की जनता भाजपा को पूरी तरह खदेड़ देगी और महागठबंधन की सरकार बनने जा रही है।
दीपांकर भट्टाचार्य का हमला – नीतीश सरकार ने छात्रों को लाठियों से पीटा
भाकपा माले के वरिष्ठ नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि 2020 में कुछ सीटों की कमी के कारण सरकार नहीं बन पाई थी।
उन्होंने नीतीश सरकार पर आरोप लगाया कि
“सरकार ने छात्रों पर लाठियां बरसाई, महिलाओं को 10 हजार रुपये देकर छल किया और युवाओं को रोजगार नहीं दिया।”
उन्होंने कहा कि इस बार महागठबंधन सातों दलों के साथ मिलकर बदलाव का एजेंडा लागू करेगा।
गहलोत का बड़ा एलान : तेजस्वी होंगे सीएम, सहनी होंगे डिप्टी सीएम
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने एनडीए को कड़ी टक्कर दी थी। अब बिहार में भी वही दोहराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा तेजस्वी यादव होंगे। वहीं मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम का चेहरा घोषित किया जाता है।
पोस्टर विवाद : केवल तेजस्वी की फोटो क्यों
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले पोस्टर विवाद सामने आया, जिसमें केवल तेजस्वी यादव की तस्वीर थी। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी की तस्वीर नदारद है। इस पर कांग्रेस नेता उदित राज ने पलटवार करते हुए कहा, “राहुल गांधी ही चुनाव प्रचार की मुख्य जिम्मेदारी संभालेंगे। सही समय पर इसका जवाब मिलेगा।” भाकपा माले नेता दीपांकर ने कहा, “मुख्यमंत्री तो एक ही होता है, इसलिए तस्वीर तेजस्वी की लगी है।”
सीट बंटवारा और फ्रेंडली फाइट
महागठबंधन ने 243 सीटों पर 254 उम्मीदवार उतारे हैं।
- राजद – 143 सीटें
- कांग्रेस – 60 सीटें
- भाकपा माले – 20 सीटें
- वीआईपी – 15 सीटें
- सीपीआई – 9 सीटें
- सीपीएम – 4 सीटें
- आईआईपी – 3 सीटें
12 सीटों पर “फ्रेंडली फाइट” की स्थिति बनी हुई है। उदाहरण के तौर पर लालगंज सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी आदित्य राजा ने राजद उम्मीदवार के समर्थन में नामांकन वापस ले लिया।
10 सीटों पर कांग्रेस बनाम साथी दल
कांग्रेस के 60 में से 10 सीटों पर महागठबंधन के ही अन्य दलों से टक्कर है – वारसिलीगंज, नरकटियागंज, कहलगांव, सुल्तानगंज, वैशाली, सिकंदरा, बछवाड़ा, बिहारशरीफ, करगहर और राजापाकड़ सीटों पर राजद, सीपीआई और वीआईपी उम्मीदवार मैदान में हैं।
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