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News Samvad : उम्र बढ़ने के साथ शरीर की ताकत और गतिशीलता (मोटिलिटी) बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी और शरीर के संतुलन में कमी आम समस्या है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, एक आसान एक्सरसाइज स्क्वॉट्स (Squats) इन सभी दिक्कतों से राहत देने में मददगार साबित हो सकती है।
क्यों ज़रूरी हैं स्क्वॉट्स?
स्क्वॉट्स एक सरल लेकिन प्रभावी व्यायाम है जो शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने के साथ-साथ मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाता है। आइए जानें इसके प्रमुख फायदे —
- पैरों की ताकत बनाए रखे : उम्र के साथ सबसे पहले पैरों की मांसपेशियां कमजोर होती हैं। स्क्वॉट्स करने से जांघों, कूल्हों और पिंडलियों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे चलना, सीढ़ियां चढ़ना और दैनिक कार्य आसान हो जाते हैं।
- हड्डियों की डेंसिटी बढ़ाए : यह एक वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज है, जो हड्डियों पर हल्का दबाव डालकर उनकी मजबूती बढ़ाती है। इससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है।
- संतुलन और स्थिरता में सुधार : बढ़ती उम्र में गिरने का डर आम होता है। स्क्वॉट्स करने से कोर मसल्स मजबूत होती हैं, जिससे शरीर का संतुलन बेहतर होता है और गिरने की संभावना घटती है।
- जोड़ों के दर्द से राहत : नियमित रूप से स्क्वॉट्स करने से घुटनों और कूल्हों के जोड़ मजबूत होते हैं। यह लचीलापन बढ़ाता है और जोड़ों में अकड़न या दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है।
- पाचन तंत्र में सुधार : स्क्वॉट्स की मुद्रा पेट की मांसपेशियों पर प्राकृतिक दबाव डालती है, जिससे आंतों की गतिविधि बेहतर होती है और कब्ज जैसी समस्या कम होती है।
- रोजमर्रा की गतिविधियों को आसान बनाए : मजबूत पैर और कोर मसल्स आपको बैठने, झुकने, सामान उठाने जैसे रोज़मर्रा के कामों में सहजता प्रदान करते हैं।
कैसे करें शुरुआत?
- डॉक्टर की सलाह लें : अगर आप किसी बीमारी या जोड़ों की समस्या से जूझ रहे हैं, तो शुरुआत से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श करें।
- बिना वजन के शुरू करें : पहले सिर्फ बॉडीवेट स्क्वॉट्स करें।
- सही तकनीक अपनाएं : पीठ सीधी रखें और पैरों को कंधे की चौड़ाई जितना फैलाएं।
– हाथों को आगे की ओर फैलाकर धीरे-धीरे नीचे बैठें, जैसे कुर्सी पर बैठ रहे हों।
– ध्यान रखें, घुटने पैर की उंगलियों से आगे न जाएं। - चेयर स्क्वॉट्स से अभ्यास करें : बैलेंस बनाए रखने के लिए कुर्सी का सहारा लें।
- धीरे-धीरे बढ़ाएं संख्या : शुरुआत में 5-8 बार स्क्वॉट्स करें और धीरे-धीरे सेट्स बढ़ाएं।
Disclaimer : यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई सलाह पेशेवर चिकित्सा परामर्श का विकल्प नहीं है। किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या या सवाल के लिए अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
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