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New Delhi : दिल्ली के पहाड़गंज में 10 नवंबर को हुई भीषण कार बम ब्लास्ट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। गुरुवार को DNA रिपोर्ट से पुष्टि हो गई कि ब्लास्ट करने वाली ह्युंडई i20 कार में पुलवामा का आतंकी डॉ. उमर नबी ही था। उमर की मौत हो चुकी थी, लेकिन गुरुवार देर रात सुरक्षाबलों ने उसके पैतृक घर को IED ब्लास्ट से पूरी तरह तबाह कर दिया। उमर पुलवामा के कोइल इलाके में रहता था। पुलिस ने उसके माता-पिता और भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
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आतंकवाद के खिलाफ भारत का बड़ा संदेश
दिल्ली ब्लास्ट का कार हमलावर पाकिस्तानी आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद का डॉक्टर उमर नबी के घर को जमींदोज कर दिया
जयहिंद जय भारत pic.twitter.com/hdgjpVqkn1
— Amrendra Bahubali (@TheBahubali_IND) November 14, 2025
6 दिसंबर को देशभर में बम धमाके की योजना
अब तक गिरफ्तार 8 आतंकियों से पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी मिली है। ये आतंकी 6 दिसंबर यानी बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर दिल्ली सहित देश के कई शहरों में एक साथ बम धमाके करना चाहते थे। इसके लिए इन्होंने 32 कारों का इंतजाम कर लिया था। इनमें ह्युंडई i20, इकोस्पोर्ट और ब्रेजा जैसी गाड़ियां शामिल थीं। दिल्ली वाला धमाका इसी बड़ी साजिश का पहला हिस्सा था। दिल्ली ब्लास्ट में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग घायल हैं। तीन घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
कश्मीर के डॉक्टरों का आतंकी मॉड्यूल
जांच में पता चला है कि कश्मीरी डॉक्टरों का एक बड़ा ग्रुप जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम कर रहा था। इनमें पुलवामा का डॉ. उमर नबी, डॉ. मुजम्मिल गनी, डॉ. सज्जाद अहमद और फरीदाबाद की अलफलाह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रह चुकी लेडी आतंकी डॉ. शाहीन शामिल हैं।
सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि इस पूरे मॉड्यूल का सरगना शोपियां का मौलाना मोहम्मद इरफान था, जो सिर्फ तीसरी क्लास तक पढ़ा था। उसी ने इन पढ़े-लिखे डॉक्टरों को आतंक का पाठ पढ़ाया। इरफान ही 17 अक्टूबर को जैश का धमकी भरा पोस्टर लिखवाया और छपवाया था। पोस्टर बरामद होने के बाद सेना ने उसे पकड़ लिया था, जिसके बाद पूरा नेटवर्क खुलता चला गया।
अलफलाह यूनिवर्सिटी पर सवाल
फरीदाबाद के धौज गांव में स्थित अलफलाह यूनिवर्सिटी से अब तक चार आतंकी डॉक्टर निकल चुके हैं। यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले करीब 40 फीसदी डॉक्टर कश्मीरी हैं। सूत्रों के मुताबिक यूनिवर्सिटी में आत आतंकी डॉक्टरों को नौकरी और अहम पद दिए गए थे। जांच एजेंसियां अब पूरे देश में बाकी 31 कारों की तलाश कर रही हैं। सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं ताकि 6 दिसंबर को कोई बड़ा हमला न हो सके।
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