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Latehar : लातेहार के घने जंगलों में एक बार फिर बंदूकें गरजने वाली थी। अंधेरे और खामोशी के बीच चल रही नक्सलियों की हलचल पर पुलिस की नजर पड़ चुकी थी। सूचना थी कि प्रतिबंधित नक्सली संगठन JJMP के उग्रवादी किसी बड़ी वारदात की तैयारी में जुटे हैं। इसके बाद शुरू हुआ “स्पेशल ऑपरेशन ड्रैगन-228”। कुरुमखेता जंगल में जब पुलिस की टीम पहुंची तो वहां पहले से छिपे नक्सलियों में भगदड़ मच गई। कोई झाड़ियों में घुसा, कोई पहाड़ी की तरफ भागा। लेकिन सुरक्षाबलों ने पीछा कर दो उग्रवादियों को हथियारों समेत धर दबोचा। जंगल की तलाशी में AK-47, SLR रायफल, सैकड़ों गोलियां और वायरलेस उपकरण बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई।
गुप्त सूचना ने खोली जंगल के अंदर की कहानी
बीते चार मई की शाम लातेहार एसपी कुमार गौरव को इंफॉर्मेशन मिली कि JJMP का सक्रिय उग्रवादी शंकर राम अपने दस्ते के साथ कुरुमखेता जंगल में घूम रहा है। सूचना में यह भी कहा गया कि दस्ता किसी नक्सली घटना को अंजाम देने की तैयारी में है। जानकारी मिलते ही एसपी ने अफने मातहत अधिकारियों को अलर्ट किया। बिना देर किए “स्पेशल ऑपरेशन ड्रैगन-228” तैयार किया गया। ऑपरेशन की कमान मनिका थानेदार प्रभात कुमार दास और छिपादोहर थानेदार याकिन अंसारी को सौंपी गई। साथ में सैट और जिला बल के जवानों को लगाया गया।
जंगल में दबे पांव पहुंची पुलिस, फिर मच गया हड़कंप
रात के सन्नाटे के बीच पुलिस टीम कुरुमखेता जंगल में दाखिल हुई। जवान बेहद सावधानी से आगे बढ़ रहे थे। घने पेड़ों और झाड़ियों के बीच हर कदम खतरे से भरा था। इसी दौरान पुलिस को जंगल में हलचल दिखाई दी। उग्रवादियों ने जैसे ही सुरक्षाबलों को देखा, वे अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे। पुलिस और जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और पीछा शुरू कर दिया। काफी देर तक जंगल में दौड़भाग चलती रही। आखिरकार दो उग्रवादी हथियारों के साथ पकड़ लिए गए, जबकि शंकर राम और उसके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
गिरफ्तार उग्रवादियों के पास मिले खतरनाक हथियार
पकड़े गए उग्रवादियों की पहचान पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र निवासी मनोज लोहरा और लातेहार के सिमरियाटांड निवासी महादेव सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के पास से दो SLR रायफल, मैगजीन, जिंदा गोलियां, मोबाइल और अन्य सामान बरामद किए। लेकिन असली चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब पुलिस ने जंगल में आगे तलाशी ली। झाड़ियों के भीतर छिपाकर रखी गई एक AK-47 रायफल, पांच मैगजीन, दर्जनों गोलियां, वायरलेस सेट और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। पुलिस को आशंका है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात के लिए पूरी तैयारी में थे।
सैकड़ों गोलियां और वायरलेस सेट बरामद
बरामद सामान की सूची ने पुलिस अधिकारियों की चिंता और बढ़ा दी है। ऑपरेशन के दौरान कुल तीन आधुनिक हथियार, 318 जिंदा गोलियां, वॉकीटॉकी, वाई-फाई राउटर, मोबाइल फोन और सीम कार्ड बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि जंगल में इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और संचार उपकरण किस मकसद से जमा किए गए थे। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की भी जांच कर रही है, ताकि संगठन के नेटवर्क और संपर्कों की जानकारी मिल सके।
शंकर राम की तलाश में जंगल खंगाल रही पुलिस
एसपी कुमार गौरव के मुताबिक फरार उग्रवादी शंकर राम लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर है। माना जा रहा है कि वही पूरे दस्ते को ऑपरेट कर रहा था। घटना के बाद से जंगलों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
कई धाराओं में मामला दर्ज
इस मामले में मनिका थाना में कांड संख्या 41/2026 दर्ज किया गया है। गिरफ्तार उग्रवादियों पर आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। एसपी का कहना है कि अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। फरार नक्सलियों की गिरफ्तारी तक जंगलों में सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।
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